अग्निमित्रा पॉल ने जबरन वसूली के आरोपों पर भाजपा कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकालने की चेतावनी दी

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अग्निमित्रा पॉल ने जबरन वसूली के आरोपों पर भाजपा कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकालने की चेतावनी दी

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 07:33 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 07:33 PM IST

कोलकाता, तीन अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल की शहरी विकास और नगर निकाय मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने सोमवार को चेतावनी दी कि जबरन वसूली में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा। इसके साथ ही अपने ही कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर अवैध वसूली किये जाने के खिलाफ भाजपा के अभियान ने और जोर पकड़ लिया।

इससे कुछ दिन पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने भी ऐसी ही चेतावनी जारी की थी। इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी अपने कुछ कार्यकर्ताओं पर पिछले तृणमूल कांग्रेस शासन से जुड़े तरीकों को अपनाने के आरोपों को लेकर ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ का रवैया दिखाने की कोशिश कर रही है।

पॉल ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भाजपा नेतृत्व ने अपनी स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है और न तो पार्टी और न ही राज्य सरकार वसूली के आरोपी किसी भी व्यक्ति को बचाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘उगाही का मुद्दा रातों-रात खत्म नहीं हो सकता। हमने पार्टी में लाने से पहले सभी को डिटर्जेंट या वॉशिंग मशीन में नहीं धोया। वे इंसान हैं। अब जब हम सरकार में हैं, तो कुछ लोग सोच सकते हैं कि वे इस तरह से पैसा कमा सकते हैं। लेकिन हमारे प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री दोनों ने इसके खिलाफ बहुत कड़ा संदेश दिया है।’’

पॉल ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे प्रदेश अध्यक्ष ने यह बिल्कुल साफ कर दिया है। जो भी ऐसी गतिविधि में शामिल पाया जाएगा, उसे पार्टी से निकाल दिया जाएगा। मेरा मानना ​​है कि कुछ लोगों को पहले ही निकाला जा चुका है। हम ऐसे मामलों में कोई समझौता नहीं करते। ऐसा नहीं है कि हम सार्वजनिक रूप से कुछ और कहें तथा व्यक्तिगत रूप से लोगों से वसूली जारी रखने को कहें या कमाई को 70:30 के अनुपात में बांटने को कहें। हम पिछली सरकार जैसे नहीं हैं। हम जो कहते हैं, वही करते हैं।’’

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों के लिए गैर-कानूनी गतिविधियों की जानकारी देने के लिए चार विशिष्ट हेल्पलाइन खोली हैं।

भाषा वैभव दिलीप

दिलीप