अहमदाबाद पटाखा फैक्टरी विस्फोट: तीन साझेदार गिरफ्तार, लाइसेंस खत्म होने के बावजूद जारी था काम

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अहमदाबाद पटाखा फैक्टरी विस्फोट: तीन साझेदार गिरफ्तार, लाइसेंस खत्म होने के बावजूद जारी था काम

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  • Publish Date - July 19, 2026 / 04:52 PM IST,
    Updated On - July 19, 2026 / 04:52 PM IST

अहमदाबाद, 19 जुलाई (भाषा) अहमदाबाद के रामोल इलाके में अवैध पटाखा इकाई में हुए भीषण विस्फोट और आग लगने से नौ लोगों की मौत के एक दिन बाद पुलिस ने उस इकाई का संचालन करने वाले तीन साझेदारों को गिरफ्तार कर लिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, मार्च में लाइसेंस की अवधि समाप्त होने और उसका नवीनीकरण नहीं होने के बाद अधिकारियों ने इस इकाई को बंद करने का आदेश दिया था।

पुलिस समय-समय पर इसकी जांच भी करती थी हालांकि, आरोपियों ने हाल की रथ यात्रा के दौरान पुलिस बल के सुरक्षा व्यवस्था में व्यस्त रहने का फायदा उठाते हुए करीब 20 दिन पहले दाहोद से मजदूर बुलाकर इस इकाई को अवैध रूप से फिर शुरू कर दिया।

अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पुलिस उस जमीन के मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसने यह परिसर किराये पर दिया था और साथ ही अवैध कारोबार को वित्तीय मदद देने वालों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

रामोल-गटराड रोड स्थित अवैध पटाखा फैक्टरी में शनिवार दोपहर हुए विस्फोट और आग लगने की घटना में नौ लोगों की मौत हो गई जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रमीलाबेन डोडिया, उसके बेटे मेहुल डोडिया और उसके कारोबारी साझेदार सादिक सैयद के रूप में हुई है।

गहलोत ने एक सवाल के जवाब में बताया कि विस्फोट के समय मेहुल और रमीलाबेन फैक्टरी में मौजूद थे।

उन्होंने बताया कि मेहुल को मामूली चोटें आईं, जबकि रमीलाबेन के दोनों कानों के पर्दे फट गए।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि विस्फोट के बाद मेहुल मौके से कथित तौर पर भाग गया था और उसने एक अन्य व्यक्ति को अपनी घायल मां को अस्पताल ले जाने के लिए वापस भेजा।

उन्होंने बताया कि बाद में दोपहर में मेहुल को साबरमती इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उसकी मां और सादिक सैयद को घटना के तुरंत बाद पकड़ लिया गया।

गहलोत ने बताया कि विस्फोट रामोल थाना क्षेत्र में द्रुत कार्य बल (आरएएफ) शिविर के पीछे एक खेत में बने अस्थायी टिन शेड में हुआ, जहां अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे।

उन्होंने बताया कि आरएएफ ने तुरंत अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस, दमकल विभाग और 108 एम्बुलेंस सेवा की टीमें मौके पर पहुंचीं।

अधिकारी ने बताया कि इस घटना में कुल 15 लोग प्रभावित हुए, जिनमें नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य का अहमदाबाद सिविल अस्पताल में इलाज जारी है।

भाषा जितेंद्र प्रशांत

प्रशांत