नागपुर, 21 जुलाई (भाषा) कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के समर्थन में सोमवार को नागपुर में सैकड़ों छात्रों, युवाओं और बुजुर्गों ने प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
नीट यूजी परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक के विरोध में सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए छात्र, युवा और वरिष्ठ नागरिक संविधान चौक पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने संकल्प लिया कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर से वांगचुक को कथित रूप से जबरन हटाए जाने और संसद की ओर मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी नाराजगी जताई।
हाथों में तख्तियां, बैनर और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें लिए प्रदर्शनकारी भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच प्रदर्शन स्थल पर जुटे। एक युवा प्रदर्शनकारी ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफा देने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
मध्य मुंबई में पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। ये लोग वांगचुक और कॉजपा के ‘चलो संसद’ मार्च के समर्थन में बी.आर. अंबेडकर के अंतिम संस्कार स्थल, चैत्यभूमि पर इकट्ठा हुए थे।
प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी किए गए।
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के कार्यकर्ताओं ने मुंबई विश्वविद्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ वांगचुक के प्रति समर्थन भी जताया।
विपक्षी नेताओं ने अधिकारियों पर विरोध करने के लोकतांत्रिक अधिकार को दबाने का आरोप लगाया।
राकांपा (शरद पवार) के टिकट पर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ने वाले फहद अहमद भी उन लोगों में शामिल थे जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था।
अहमद ने पुलिस वैन से संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों के संवैधानिक अधिकारों को दबा दिया है।
शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा हुए लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ‘ऊपर’ से आदेश दिए गए थे।
कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने कहा, ‘यह शर्मनाक है। नागरिकों को सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का अधिकार है। हमारी मांग है कि सभी को तुरंत रिहा किया जाए। हर दिन भाजपा सरकार का स्तर गिरते जा रहा है।’
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक ने लाखों छात्रों को नुकसान पहुंचाया और उन्हें निराशा के गर्त में धकेल दिया।
पुणे स्थित ‘फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ (एफटीआईआई) के छात्र संघ ने शिक्षा क्षेत्र में कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे को लेकर चल रहे कॉजपा और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की और एफटीआईआई परिसर में प्रदर्शन आयोजित किया।
उधर दिल्ली में हजारों लोग संसद मार्ग के पास एकत्र हुए और कथित परीक्षा अनियमितताओं पर जवाबदेही तय करने तथा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान उन्हें सुरक्षा बलों की कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
भाषा राखी रंजन
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