यूक्रेन के बंदरगाह से रवाना हो रहे जहाज पर हमले में चार भारतीयों की मौत, भारत ने हमले की निंदा की

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यूक्रेन के बंदरगाह से रवाना हो रहे जहाज पर हमले में चार भारतीयों की मौत, भारत ने हमले की निंदा की

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 12:09 AM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 12:09 AM IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) यूक्रेन के तट से रवाना हो रहे गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों सहित 10 लोग मारे गए।

इस घटना की भारत ने कड़ी निंदा की है और एक बार फिर संघर्ष के दौरान वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा की मांग उठाई है।

यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि रूस ने रविवार को यूक्रेन के समुद्री गलियारे से गुजर रहे एक असैन्य जहाज पर हमला किया और इसके चालक दल में सीरिया और भारत के नागरिक शामिल थे।

रूस-यूक्रेन युद्ध में भारतीय नाविकों की मौत का यह पहला मामला है।

यूक्रेन की वायु सेना ने दावा किया कि गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले जहाज़ पर रूस ने क्रूज़ मिसाइलों से हमला किया।

भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि एम.वी. गोल्डन लियो नामक इस व्यापारिक जहाज पर चालक दल के 17 सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे।

भारत ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और निर्दोष नागरिक चालक दल के सदस्यों की जान खतरे में डालना ‘‘निंदनीय है और इससे बचा जाना चाहिए।’’

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘19 जुलाई की शाम एमवी गोल्डन लियो पर ओडेसा बंदरगाह से रवाना होते समय हमला हुआ। घटना के समय जहाज पर चालक दल के 17 सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे।’’

मंत्रालय ने कहा, ‘‘उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चार भारतीय नागरिकों की दुखद मृत्यु हो गई है, जबकि एक भारतीय नागरिक गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।’’

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास कर रहा है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम मृत भारतीय नागरिकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायल भारतीय नागरिक के शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करते हैं।’’

विदेश मंत्रालय ने रूस का प्रत्यक्ष रूप से नाम लिए बिना कहा, ‘‘भारत ऐसे हमलों की निंदा करता है और दोहराता है कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष चालक दल के सदस्यों की जान जोखिम में डालना या जहाजरानी और व्यापार की आज़ादी में बाधा डालना निंदनीय है और ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।’’

पश्चिमी मीडिया की खबरों के अनुसार, हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।

यह घटना यूक्रेन और रूस के बीच बढ़ती शत्रुता के बीच हुई है।

सिबिहा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘एक आम असैन्य जहाज। एक अंतरराष्ट्रीय चालक दल। दुनिया की खाद्य सुरक्षा में मदद करने वाला एक मार्ग। (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन को एक और निशाना दिखा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस हमले के बाद किसी भी तरह के भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं है। पुतिन के रूस को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह किसे मार रहा है-चाहे वे यूक्रेनी हों या किसी और देश के नागरिक।’’

भाषा धीरज रंजन

रंजन