रांची, 20 जुलाई (भाषा) झारखंड कांग्रेस ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत प्रगणना चरण की अवधि 15 दिन और बढ़ाने की मांग की। पार्टी का दावा है कि अब भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के फॉर्म को कंप्यूटर पर चढ़ाने (डिजिटलीकरण) और पुराने रिकॉर्ड से उनके पारिवारिक विवरणों का मिलान करने का काम अधूरा है।
पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के कांग्रेस प्रभारी के. राजू और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार से मुलाकात की और अपनी इस मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
यह मतदाता पुनरीक्षण अभियान 30 जून को शुरू हुआ था और 29 जुलाई तक चलना तय है, जिसके तहत बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर फॉर्म बांटने और विवरणों के सत्यापन का काम कर रहे हैं।
कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने संवाददाताओं को बताया, ‘राज्य में करीब एक करोड़ मतदाताओं के फॉर्म को कंप्यूटर पर चढ़ाने का काम अभी लंबित है। इसके अलावा, 47 लाख से अधिक मतदाताओं के पारिवारिक विवरणों का (पुराने रिकॉर्ड से) मिलान होना बाकी है। जो मतदाता अपने पते पर नहीं हैं, कहीं और चले गए हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है (एएसएसडी), वे ज्यादातर इसी अधूरी सूची में शामिल हैं।’
उन्होंने मांग की कि ऐसे एएसएसडी मतदाताओं की सूची पर ग्राम सभाओं में चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि स्थानीय लोग ही सही स्थिति की पहचान बेहतर ढंग से कर सकते हैं।
भाषा सुमित रंजन
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