रामलीला के मंचन में चार चांद लगाएंगे एआई आधारित ‘विजुअल इफेक्ट’
रामलीला के मंचन में चार चांद लगाएंगे एआई आधारित ‘विजुअल इफेक्ट’
(वर्षा सागी)
नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) रामलीला की भव्य मंच सज्जा, आकर्षक वेशभूषा और कलाकारों का जीवंत अभिनय राष्ट्रीय राजधानी में लंबे अरसे से दर्शकों को खींचता आया है। अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और 3-डी मैपिंग प्रौद्योगिकी पर आधारित ‘विजुअल इफेक्ट’ तथा डिजिटल पृष्ठभूमि के इस्तेमाल से रामलीला के मंचन में चार चांद लगने तथा दर्शकों को पहले से कहीं अधिक जीवंत एवं अनोखा अनुभव मिलने की उम्मीद है।
आयोजकों के मुताबिक, दिल्ली की कुछ बेहद प्रसिद्ध रामलीला समितियां इस साल ‘विजुअल इफेक्ट’ (दृश्य प्रभाव) से लेकर मंच सज्जा, पटकथा और संवाद अदायगी तक मंचन के विभिन्न पहलुओं में एआई को शामिल करने की योजना बना रही हैं।
उन्होंने बताया कि लाल किले के पास भव्य वार्षिक रामलीला मंचन के लिए मशहूर लव-कुश रामलीला समिति इस बार तकनीकी रूप से अब तक की अपनी सबसे उन्नत प्रस्तुति की तैयारियों में जुटा है।
आयोजकों के अनुसार, इस साल 11 दिन की रामलीला का मंचन 11 से 21 अक्टूबर तक किया जाएगा, जिसमें 20 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस साल के आयोजन में फिल्म, टेलीविजन और थिएटर जगत के 160 से ज्यादा कलाकारों के शामिल होने की उम्मीद है।
लव कुश रामलीला समिति के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “यह रामलीला की हमारी प्रस्तुतियों के इतिहास में सबसे बड़ी तकनीकी छलांग होगी।”
उन्होंने कहा, “एआई और 3-डी मैपिंग प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल केवल एलईडी स्क्रीन आधारित पृष्ठभूमि पर चित्र दिखाने के लिए ही नहीं, बल्कि भव्य त्रि-आयामी मंच सज्जा और ‘विजुअल इफेक्ट’ तैयार करने के लिए भी किया जा रहा है, ताकि दर्शकों को अधिक जीवंत अनुभव मिल सके।”
कुमार ने दावा किया कि लव कुश रामलीला समिति “देश का सबसे बड़ा चार मंजिला मंच तैयार कर रही है”, जिस पर एक विशाल एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि रामलीला के एक प्रमुख दृश्य में हनुमान विशाल स्क्रीन के ऊपर बैठे हुए नजर आएंगे, जिसके बाद एआई से तैयार ‘विजुअल इफेक्ट’ के जरिये उन्हें उड़कर नीचे आते हुए दिखाया जाएगा।
कुमार के मुताबिक, इस बीच हनुमान की भूमिका निभाने वाला कलाकार हवा के बीच में से प्रकट होकर उसी दृश्य को आगे बढ़ाएगा, जिससे दर्शकों को लगेगा कि यह लगातार चलने वाली एक ही हरकत है।
उन्होंने बताया कि रामायण के युद्ध के दृश्यों और अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों में अधिक गहराई, गति और विस्तार लाने के लिए भी इसी तरह की प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा।
कुमार के अनुसार, रामलीला के मंचन में कंप्यूटर ग्राफिक्स, एनिमेशन, डिजिटल ‘विजुअल इफेक्ट’ और आठ-ट्रैक वाला डिजिटल साउंड सिस्टम भी शामिल होगा, जिन्हें मुंबई से आए फिल्म उद्योग के तकनीशियन संभालेंगे।
उन्होंने कहा, “हमारा मकसद रामलीला का पारंपरिक स्वरूप बनाए रखते हुए उसे सिनेमा जैसा भव्य रूप देना है। एआई और 3-डी प्रौद्योगिकी की मदद से हम कहानी को इस तरह पेश करेंगे, जैसा दर्शकों ने पहले कभी अनुभव नहीं किया होगा और साथ ही लाइव प्रस्तुति का असली मजा भी बना रहेगा।”
द्वारका स्थित श्री रामलीला समिति भी संवाद अदायगी से लेकर विशाल एलईडी स्क्रीन पर दृश्य प्रदर्शित करने तक के लिए एआई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रही है।
समिति के सदस्य आकाश गहलोत ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “एआई इस साल हमारी रामलीला प्रस्तुति का एक अहम हिस्सा होगा। संवाद अदायगी से लेकर मंचन के दौरान स्क्रीन पर दिखाए जाने वाले ‘सबटाइटिल’ तक में एआई का इस्तेमाल किया जाएगा।”
उन्होंने दावा किया कि श्री रामलीला समिति “देश की सबसे बड़ी एलईडी स्क्रीन में से एक और रावण का सबसे ऊंचा पुतला” भी लगाएगी।
भाषा पारुल सुरेश
सुरेश

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