चेन्नई, 13 मई (भाषा) अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) प्रमुख ई. के. पलानीस्वामी को विधानसभा के लिए व्हिप जारी करने का अधिकार है। यह बात बुधवार को विधायक थलवई सुंदरम ने यहां कही।
सुंदरम की यह टिप्पणी अन्नाद्रमुक के बागी नेताओं द्वारा पलानीस्वामी से सचेतक के चुनाव के लिए आयोजित बैठक के प्रस्ताव की प्रति दिखाने की मांग के कुछ घंटे बाद आयी है। इनमें विधायक सी.वी. षणमुगम और एस.पी. वेलुमणि शामिल हैं।
सुंदरम ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुसार, पलानीस्वामी को सचेतक नियुक्त करने का अधिकार है। उन्होंने संदर्भ के लिए संविधान का एक दस्तावेज भी दिखाया।
उन्होंने कहा, ‘‘इसे पढ़ लीजिए।’’ उन्होंने कहा कि इसमें पार्टी नेता द्वारा सचेतक नियुक्त करने का प्रावधान है।
विश्वास मत की कार्यवाही के दौरान अन्नाद्रमुक में फूट खुलकर सामने आ गई, जब पार्टी नेताओं वेलुमणि-षणमुगम के नेतृत्व वाले 25 विधायकों के गुट ने विजय के नेतृत्व वाली सरकार के पक्ष में मतदान किया।
इससे पहले दिन में पलानीस्वामी ने दावा किया था कि पार्टी के महासचिव के रूप में उन्हें सचेतक नियुक्त करने का ‘अधिकार’ है। उन्होंने दावा किया कि सचेतक, एग्री एस.एस. कृष्णमूर्ति ने सभी विधायकों को एसएमएस, ईमेल और पंजीकृत डाक के माध्यम से सूचित किया था कि पार्टी सदन में विश्वास मत के दौरान सरकार के खिलाफ मतदान करेगी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे पार्टी के आदेश का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे, तो उन्होंने कहा, ‘देखते रहिये।’
बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में विश्वास मत के दौरान अन्नाद्रमुक के 25 बागी विधायकों द्वारा पार्टी की निर्धारित लाइन से अलग हटकर वोट करने से टीवीके सरकार ने 22 के मुकाबले 144 मतों के अंतर से विश्वास मत जीतकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली।
भाषा अमित प्रशांत
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