AITC Dissolves All Committees: तृणमूल कांग्रेस के टूटने का खौफ.. ममता बनर्जी ने उठाया बड़ा कदम, ले लिया पार्टी से जुड़ा ये बड़ा फैसला

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AITC Dissolves All Committees in West Bengal: टीएमसी ने पश्चिम बंगाल की सभी समितियां भंग कीं, बगावत और संगठनात्मक संकट के बीच बड़ा फैसला।

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 02:36 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 02:37 PM IST

AITC Dissolves All Committees in West Bengal || Image- AI Generated File

HIGHLIGHTS
  • टीएमसी ने राज्य की सभी समितियां तत्काल प्रभाव से भंग कीं।
  • पार्टी के भीतर बढ़ते विवाद और बगावत के बीच लिया फैसला।
  • संगठन की समीक्षा के बाद नए ढांचे का गठन किया जाएगा।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बढ़ते राजनीतिक संकट और पार्टी के भीतर चल रहे विवाद के बीच टीएमसी ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। (AITC Dissolves All Committees in West Bengal) पार्टी ने राज्य की सभी समितियों और अपने सभी फ्रंटल संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। पार्टी ने यह कदम नेताओं के बयां और बगावती तेवर के बाद उठायें है।

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टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि गहन विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है। पार्टी ने बताया कि अब संगठन के हर स्तर पर आत्ममंथन, प्रदर्शन की समीक्षा और संगठनात्मक मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर नई समितियों और संगठनात्मक ढांचे का गठन किया जाएगा। पार्टी ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए यह कदम जरूरी है। टीएमसी नेतृत्व का मानना है कि नए सिरे से संगठन तैयार करने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।

बगावत के दावे से बढ़ी सियासी हलचल

इस फैसले के पीछे पार्टी के भीतर बढ़ते बग़ावत को बड़ी वजह माना जा रहा है। पिछले दिनों पार्टी कई विधायक अहम बैठकों से गायब थे हैं जबकि, कुछ नेताओं ने खुलकर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। (AITC Dissolves All Committees in West Bengal) इस बीच पार्टी ने दो दिन पहले अपने दो विधायकों, संदीपन साहा और ऋतब्रता बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया है। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया था कि विधानसभा से जुड़े कुछ दस्तावेजों में उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।

बागियों का दावा, हम असली टीएमसी

इस पूरे उथल पुथल के बीच कुछ नेताओं ने खुलकर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बागी गुट के नेताओं का दावा है कि उन्हें पार्टी के 80 में से अधिकांश विधायकों का समर्थन हासिल है। इतना ही नहीं बल्कि, कुछ विधायक शोभनदेव चटर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने पर आपत्ति जता रहे हैं। टीएमसी विधायक मुस्तफिजुर रहमान ने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि 59 विधायकों के हस्ताक्षर एकत्र किए जा चुके हैं। हालांकि उन्होंने सटीक संख्या की पुष्टि नहीं की। वहीं विधायक प्रिया पॉल इस मुद्दे पर फिलहाल खुलकर कुछ भी कहने से इनकार किया।

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फर्जी हस्ताक्षर विवाद ने बढ़ाई ममता की मुश्किलें

विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी इस मामले को लेकर टीएमसी नेतृत्व पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि फर्जी हस्ताक्षर करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। (AITC Dissolves All Committees in West Bengal) बताया जा रहा है कि विपक्ष के नेता, उपनेता और मुख्य सचेतक की नियुक्ति पर विवाद शुरू हुआ था। शिकायत मिलने के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई और जांच अब सीआईडी को सौंप दी गई है।

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Q1. टीएमसी ने सभी समितियों को क्यों भंग किया?

Ans: संगठनात्मक समीक्षा, आत्ममंथन और बढ़ते आंतरिक विवादों के चलते यह निर्णय लिया गया।

Q2. क्या पार्टी के भीतर बगावत की खबरें सामने आई हैं?

Ans: कुछ नेताओं और विधायकों ने नेतृत्व के खिलाफ असंतोष और विरोध जताया है।

Q3. समितियां भंग होने के बाद आगे क्या होगा?

Ans: समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई समितियों और संगठनात्मक ढांचे का गठन होगा।