अगरतला, 20 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि जब हिंदी को बढ़ावा दिया जाता है, तो अन्य सभी भाषाएं भी मजबूत होती हैं।
अगरतला में राजभाषा सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह दुष्प्रचार किया जा रहा था कि हिंदी लोगों पर थोपी जा रही है लेकिन पिछले 10 वर्षों में इस बात को गलत साबित किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हिंदी और अन्य स्थानीय भाषाओं के बीच कोई विवाद नहीं हो सकता क्योंकि वे एक ही मां की दो बेटियां हैं, जिन्होंने साथ-साथ प्रगति की हैं।’’
शाह ने कहा कि लिपि और भाषा विवाद का मुद्दा नहीं हो सकतीं।
उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि वे घर पर अपने बच्चों से उनकी मातृभाषा में बात करें।
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘अगर आप ऐसा नहीं कर सकते, तो आपके बच्चे अपनी मातृभाषा के साहित्य, परंपरा और संस्कृति से वंचित रह जाएंगे। हमें घर में जितना हो सके अपनी मातृभाषा में बात करनी चाहिए।’’
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वोत्तर को ‘विवाद’ की भूमि से ‘विकास’ के क्षेत्र में बदल दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘2014 से अब तक प्रतिबंधित समूहों के साथ 21 शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये गए हैं। नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से लगभग 11,000 गुमराह युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाया गया है।’’
भाषा सुभाष पवनेश
पवनेश