राजस्थान का सर्वांगीण विकास ही राज्य सरकार का एकमात्र ध्येय : भजनलाल शर्मा

राजस्थान का सर्वांगीण विकास ही राज्य सरकार का एकमात्र ध्येय : भजनलाल शर्मा

राजस्थान का सर्वांगीण विकास ही राज्य सरकार का एकमात्र ध्येय : भजनलाल शर्मा
Modified Date: December 28, 2024 / 11:11 pm IST
Published Date: December 28, 2024 11:11 pm IST

जयपुर, 28 दिसंबर (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा कि राज्य का सर्वांगीण विकास और प्रदेशवासियों का कल्याण ही सरकार का एकमात्र ध्येय है।

उन्होंने कहा कि सरकार के इस ध्येय की पूर्ति में प्रत्येक विधायक की अहम भूमिका है इसलिए जनप्रतिनिधि के रूप में उन्हें समर्पण भाव के साथ जनहित के कार्यों के लिए तत्पर रहना चाहिए।

शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर कोटा संभाग के विधायकों के साथ पिछले बजट की घोषणाओं के क्रियान्वयन और आगामी बजट की तैयारियों से संबंधित बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता किसी विधायक को बहुत आकांक्षाओं और उम्मीदों के साथ चुनकर भेजती है, ऐसे में जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि वह जनता के भरोसे पर खरा उतरे।

मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रत्येक विधायक से उनके विधानसभा क्षेत्र से संबंधित बजट घोषणाओं के कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।

शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले बजट में राज्य के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को ढेरों सौगातें दी हैं और यह आवश्यक है कि आगामी बजट से पूर्व पिछले बजट में की गई घोषणाओं का धरातल पर उतरना सुनिश्चित हो।

शर्मा ने कहा कि विधायकगण अपने विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए बजट घोषणाओं से जुड़े कार्यों की नियमित रूप से निगरानी करें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विधायकों के साथ समन्वय बनाकर आधारभूत विकास के कार्यों में वित्तीय स्वीकृति से लेकर जमीन आवंटन, डीपीआर तैयार होने और निर्माण कार्य प्रारंभ होने तक प्रत्येक चरण पर समयबद्ध रूप से कार्यों की क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

उन्होंने विधायकों से आगामी बजट के लिए जनहित से जुड़े कार्यों की सूची बनाकर भेजने को भी कहा। इस बैठक में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, विधायक प्रताप सिंह सिंघवी, संदीप शर्मा, कालूराम, कंवरलाल, राधेश्याम बैरवा, ललित मीणा, कल्पना देवी व गोविंद प्रसाद मौजूद थे।

भाषा

पृथ्वी, रवि कांत

रवि कांत


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