प्रयागराज (उप्र), 30 नवंबर (भाषा) इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीनेट हॉल परिसर के पुस्तकालय द्वार को कथित तौर पर बंद करने और दो वरिष्ठ प्रोफेसरों के साथ दुर्व्यवहार करने एवं धक्का मुक्की करने के मामले में बुधवार को ‘‘उपद्रवी तत्वों’’ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ‘‘पिछले कुछ दिनों से कुछ बाहरी उपद्रवी तत्व लगातार कानून व्यवस्था भंग कर रहे हैं। उपद्रवी तत्वों ने बुधवार को सीनेट हॉल परिसर के पुस्तकालय द्वार को बंद कर आवागमन बाधित किया और एक महिला प्रोफेसर समेत दो वरिष्ठ प्रोफेसर के साथ दुर्व्यवहार कर उन्हें धमकी दी।’’
बयान में कहा गया कि पिछले दो दिन कुलपति की कार के आगे प्रदर्शन कर आवागमन बाधित करने की कोशिश की गई। इसमें कहा गया, ‘‘ये सभी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और जिला प्रशासन से त्वरित और सख्त कार्रवाई करने की अपील की गयी है।’’
छात्र नेता सत्यम कुशवाहा ने बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर के सीनेट हाल में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और उसके बाद विश्वविद्यालय परिसर का मुख्य द्वार बंद कर दिया। इस बीच, विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ कुशवाहा की तीखी नोकझोंक हुई।
फीस वृद्धि के खिलाफ छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अजय यादव सम्राट ने आरोप लगाया कि मेरिट में होने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें दाखिला नहीं दिया।
उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के स्नातक स्तर की शिक्षा की फीस प्रति छात्र 975 रुपये प्रतिवर्ष थी, जिसे 300 प्रतिशत से अधिक बढ़ाकर 4,151 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है। इसके खिलाफ छात्र पिछले 85 दिन से आंदोलन कर रहे हैं।
भाषा राजेंद्र राजेंद्र सिम्मी
सिम्मी