आईयूएमएल पर जमात-ए-इस्लामी के प्रभाव के आरोप निराधार : थंगल

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आईयूएमएल पर जमात-ए-इस्लामी के प्रभाव के आरोप निराधार : थंगल

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  • Publish Date - March 28, 2026 / 05:49 PM IST,
    Updated On - March 28, 2026 / 05:49 PM IST

मलाप्पुरम, 28 मार्च (भाषा) इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की केरल इकाई के अध्यक्ष सैयद सादिक अली शिहाब थंगल ने पार्टी पर जमात-ए-इस्लामी के प्रभाव के आरोपों को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि पार्टी अपने फैसले स्वयं लेने में पूरी तरह सक्षम है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए थंगल ने कहा कि ये दावे बेबुनियाद हैं और राजनीतिक उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘लीग अपने निर्णय खुद लेने में सक्षम है। हम किसी और की राय या निर्देश पर निर्भर नहीं रहते। हमारे सभी फैसले हमारे अपने रुख के आधार पर होते हैं और इनके पीछे कोई अन्य स्वार्थ नहीं है।’’

जब उनसे पूछा गया कि क्या वेंगारा से आईयूएमएल नेता के.एम. शाजी को मैदान में उतारने का फैसला जमात-ए-इस्लामी से प्रभावित था, तो थंगल ने इस दावे को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ पी. के. कुन्हालीकुट्टी ने मलाप्पुरम से चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की, जिससे वेंगारा में एक सीट खाली हो गई। तब हमने शाजी को वहां से उम्मीदवार बनाने का फैसला किया। इसके पीछे कोई बाहरी प्रभाव नहीं है।’’

कांग्रेस नेताओं द्वारा माकपा और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के बीच मिलीभगत के आरोपों पर, थंगल ने कहा कि ऐसे दावों को सबूतों से साबित करना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ आईयूएमएल और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के लिए, राज्य में धर्मनिरपेक्षता, लोकतांत्रिक मूल्यों और सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा करना प्राथमिकता है। हम हर चीज को इसी दृष्टिकोण से देखते हैं और अन्य दावों से हमारा कोई सरोकार नहीं है।’’

भाषा रवि कांत रवि कांत धीरज

धीरज