(फाइल तस्वीर के साथ)
श्रीनगर, 15 जून (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा करना कश्मीरियों का फर्ज है और यह बढ़ती नफरत एवं ध्रुवीकरण के इस दौर में सद्भाव बनाने का एक अवसर भी है।
हिमालय की दक्षिण कश्मीर स्थित पर्वत शृंखला में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा मंदिर की 57-दिवसीय तीर्थयात्रा तीन जुलाई से शुरू होने वाली है।
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा पहलगाम में स्थानीय आतिथ्य क्षेत्र के हितधारकों से मिलने पहुंचीं, जहां उन्होंने कहा, ‘‘यात्रा पूरे भारत में नफरत खत्म करने का हमारा अवसर है। यात्रा की सुरक्षा करना हमारा फर्ज है, यह केवल सुरक्षाबलों की जिम्मेदारी नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अमरनाथ यात्रा पर आने वाला हर तीर्थयात्री कश्मीर का मेहमान है। वे हमारी धरती, हमारे लोगों और हमारी मेहमाननवाजी की कहानी भारत के कोने-कोने तक ले जाते हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि वे हमारे स्नेह और मेहमाननवाजी की यादें लेकर जाएं। इसी से हम कश्मीर की आत्मा की रक्षा करते हैं और मुसलमानों के खिलाफ गढ़े गए झूठे विमर्श का जवाब देते हैं।’’
महबूबा ने कहा कि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों की ही नहीं, बल्कि कश्मीर के हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, ‘‘बढ़ती नफरत और ध्रुवीकरण के इस दौर में यात्रा को सद्भाव बनाने, इंसानी रिश्तों को मजबूत करने और पूरे भारत में दूरियां पाटने का अवसर बनना चाहिए।’’
पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि यात्री राजदूत की भूमिका निभाते हैं, जो कश्मीर में अपना अनुभव अपने घरों और समुदायों तक ले जाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हर मुलाकात कश्मीर की ‘आतिथ्य, करुणा और सह-अस्तित्व’ की परंपराओं को दिखाने का मौका है। कश्मीर और मुसलमानों के खिलाफ फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं और पूर्वाग्रहों का सबसे अच्छा जवाब सच्चे इंसानी संपर्क और हर तीर्थयात्री के दिल से किए गए स्वागत से दिया जा सकता है।’’
उन्होंने कहा कि हर सफल यात्रा नफरत पर सद्भाव की जीत है।
भाषा
खारी सुरेश
सुरेश