शिलांग, 15 जून (भाषा) पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की विकास संभावनाओं को केंद्र में रखकर आयोजित दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की सोमवार को यहां केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तथा मेघालय और नगालैंड के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में शुरुआत हुई।
उद्घाटन सत्र से पहले सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) की एक गोलमेज बैठक में हिस्सा लिया और यहां ‘लारिती परफॉर्मिंग सेंटर’ में आयोजित शिखर सम्मेलन के तहत विभिन्न कंपनियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।
मेघालय के मुख्य सचिव शकील पी. अहमद ने अपने संबोधन में ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर समिट एंड एग्जीबिशन 2026’ को अपनी तरह का पहला आयोजन बताते हुए इसे क्षेत्र के लिए ‘‘ऐतिहासिक क्षण’’ करार दिया।
उन्होंने मेघालय में सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी ‘‘दूरस्थ और परिधि क्षेत्र’’ माना जाने वाला पूर्वोत्तर क्षेत्र, अब ‘‘समृद्धि के केंद्र’’ और विकास की अपार संभावनाओं वाले क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है।
अहमद ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र पर केंद्र सरकार का विशेष ध्यान ‘‘स्पष्ट और महसूस किया जा सकने वाला’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘पूर्वोत्तर अब देश परिधि क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत के भविष्य और विकास का ध्रुव बन चुका है।’’
मंच पर मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा, नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
भाषा
राखी अमित
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