पश्चिम एशिया संकट के बीच देश को सतर्क रहना चाहिए : नागर विमानन मंत्री नायडू
पश्चिम एशिया संकट के बीच देश को सतर्क रहना चाहिए : नागर विमानन मंत्री नायडू
(फोटो सहित)
रांची, 20 मई (भाषा) नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने बुधवार को आगाह किया कि देश को पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के किसी भी संभावित दुष्परिणाम से निपटने के लिए सतर्क और तैयार रहना चाहिए, हालांकि ‘‘फिलहाल भारत के लिए स्थिति चिंताजनक नहीं है।’’
नायडू ने रांची की अपनी पहली यात्रा के दौरान कहा कि नागरिकों और देश पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए नागर विमानन सहित हर क्षेत्र को सक्रिय रूप से योजना बनानी चाहिए।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘फिलहाल हालात भारत के लिए चिंताजनक नहीं हैं लेकिन इसके बावजूद हमें सतर्क रहने की जरूरत है। नागर विमानन सहित हर क्षेत्र को इस संकट के संभावित प्रभावों का आकलन कर उससे निपटने के लिए अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक रणनीतियां तैयार करनी चाहिए।’’
वैश्विक अनिश्चितता के बीच यात्रा लागत में वृद्धि को लेकर चिंताओं पर नायडू ने कहा कि केंद्र ने घरेलू यात्रियों को किसी भी तरह के बोझ से बचाने के लिए पहले ही उपाय शुरू कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हवाई अड्डों पर ‘लैंडिंग’ और ‘पार्किंग’ शुल्क के साथ-साथ विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में भी कमी की है ताकि किराए को स्थिर किया जा सके और विमानन क्षेत्र को सहयोग दिया जा सके।
पिछले सप्ताह दिल्ली सरकार ने एटीएफ पर मूल्य वर्धित कर (वैट) को 25 प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘घरेलू मार्गों पर प्रतिदिन लगभग पांच लाख यात्री यात्रा करते हैं। हम हवाई किरायों पर लगातार नजर रख रहे हैं। अगर मांग बढ़ती है, तो संपर्क व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा अतिरिक्त विमानों को सेवा में लगाया जाएगा।’’
रांची हवाई अड्डे पर यात्रियों के लिए कई सुविधाओं की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि नागर विमानन मंत्रालय की संशोधित क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना उड़ान दो, लगभग 29,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ जल्द ही शुरू की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संशोधित योजना के तहत भारत में 10 वर्षों में 100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपैड होंगे। उन्होंने कहा कि हवाई यात्रियों की सुविधा के लिए सभी हवाई अड्डों पर उड़ान यात्री कैफे शुरू किए जाएंगे, जहां सभी को किफायती दामों पर खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराई जाएंगी।
अहमदाबाद में पिछले साल हुए विमान हादसे के संबंध में नायडू ने कहा कि मामले की जांच ‘‘निष्पक्ष, पारदर्शी तथा जवाबदेह तरीके’’ से की जा रही है तथा यह अंतिम चरण में है।
उन्होंने कहा कि विमान में कई देशों के यात्री सवार थे, इसलिए यह जांच अंतरराष्ट्रीय स्तर की है। उन्होंने कहा कि इसकी अंतिम रिपोर्ट जल्द ही जारी की जाएगी।
नायडू ने यह भी घोषणा की कि केंद्र सरकार रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर घरेलू संपर्क बढ़ाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संपर्क प्रदान करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
मंत्री ने बताया कि पांच वर्षों के भीतर रांची हवाई अड्डे से यात्रियों की संख्या 17 लाख से बढ़कर 27 लाख प्रति वर्ष हो गई है। उन्होंने घोषणा की कि झारखंड के दुमका, हजारीबाग, चाईबासा, डाल्टनगंज और कुछ अन्य जिलों को भी जल्द ही हवाई संपर्क की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में झारखंड की पहचान वनभूमि से बदलकर भविष्यभूमि हो रही है।’’
नायडू ने जोर दिया कि हवाई अड्डे आर्थिक गतिविधियों, संस्कृति और कृषि व्यापार को बढ़ावा देते हैं क्योंकि ये विकास के केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि आजकल सड़कों या रेल की नहीं बल्कि हवाई अड्डों की मांग है, जो देश के विकास को दर्शाता है।
‘यात्री उड़ान कैफे’ के अलावा, नायडू ने रांची हवाई अड्डे पर एक ‘फ्लाईब्ररी’ का भी उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य यात्रियों के बीच पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसमें खास तौर पर बच्चों पर ध्यान देते हुए उन्हें उड़ान के इंतजार के दौरान विभिन्न प्रकार की किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि यह अवधारणा डिजिटल स्क्रीन से विराम के साथ यात्रियों को किताबों के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करती है, जिससे उनकी यात्रा ज्ञान और मनोरंजन के साथ और भी समृद्ध हो जाती है।
हवाई अड्डे पर घोषित अन्य पहल में बच्चों का विशेष खेल क्षेत्र और ‘अवसर’ कार्यक्रम शामिल है, जिसमें महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों का प्रदर्शन किया जाता है।
नायडू ने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों में हवाई अड्डों, यात्रियों और विमानों की संख्या दोगुनी हो गई है। 2014 में जहां केवल 74 हवाई अड्डे थे, वहीं अब देश में 165 हवाई अड्डे हो चुके हैं। किसी अन्य देश में हवाई अड्डों में इतनी वृद्धि नहीं देखी गई। यह प्रधानमंत्री के ‘हवाई चप्पल से हवाई जहाज’ की यात्रा के मंत्र के कारण ही संभव हो पाया है।’’
रांची पहुंचने पर नायडू का भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद वह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के साथ हवाई अड्डे से मोटरसाइकिल पर सवार होकर रवाना हुए।
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश

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