Amit shah: पड़ोसी देशों में तख्तापलट से अर्लट हुए अमित शाह! जनांदोलनों के पीछे किसका हाथ? स्टडी कर SOP बनाने के दिए आदेश

Amit shah Ordered to prepare SOP: रिपोर्ट में कहा गया है कि BPR&D को उन विरोध प्रदर्शनों के कारणों, पैटर्न और परिणामों का विश्लेषण करने के लिए कहा गया है, विशेष रूप से उन जनांदोलनों में पर्दे के पीछे कौन लोग शामिल थे, इसका पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

Amit shah: पड़ोसी देशों में तख्तापलट से अर्लट हुए अमित शाह! जनांदोलनों के पीछे किसका हाथ? स्टडी कर SOP बनाने के दिए आदेश
Modified Date: September 15, 2025 / 07:49 pm IST
Published Date: September 15, 2025 5:12 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 'राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन- 2025' में दिए निर्देश
  • भविष्य में आंदोलन रोकने की तैयारी
  • ED, CBDT को भी वित्तीय पहलुओं की जांच में शामिल करें

नईदिल्ली: Amit shah Ordered to study and prepare SOP, पिछले कुछ दिनों में भारत के पड़ोसी देशों में हुए जनांदोलनों के कारण तख्तापलट हुआ। श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल जो कि भारत के पड़ोसी देश हैं, पिछले दिनों हुए आंदोलनों से भड़की चिंगारी ने सत्ता को हिलाकर रख दिया। जिसके बाद सोशल मीडिया में तो कुछ लोग सीधा केंद्र सरकार को टारगेट करते हुए तंज कसना शुरू कर दिया, तो कुछ ने सीधा सीधा कह दिया कि आपको भी सावधान रहने की जरूरत है।

इसी बीच एक बड़ी खबर निकलकर सामने आयी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) को आदेश दिया है कि देश में आजादी के बाद खासकर 1974 के बाद से देश के अंदर जितने भी विरोध-प्रदर्शन और जनांदोलन हुए हैं, उनका अध्ययन कराया जाए और यह पता लगाया जाए कि उन आंदोलनों के पीछे कौन लोग थे, आंदोलन के कारण क्या थे और उन्हें किसने फंडिंग की थी। इतना ही नहीं इसके अलावा उन आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शन का परिणाम क्या रहा? जाहिर है कि इस रिसर्च का मुख्य उद्देश्य भविष्य में होने वाले जनांदोलनों को रोकने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करना है।

‘राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन- 2025’ में दिए निर्देश

एक बड़ी अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार केद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जुलाई के अंतिम सप्ताह में नई दिल्ली में इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन- 2025’ में ये निर्देश दिए हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि BPR&D को उन विरोध प्रदर्शनों के कारणों, पैटर्न और परिणामों का विश्लेषण करने के लिए कहा गया है, विशेष रूप से उन जनांदोलनों में पर्दे के पीछे कौन लोग शामिल थे, इसका पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

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भविष्य में आंदोलन रोकने की तैयारी

अधिकारी के अनुसार यह निर्देश भी दिया गया है कि भविष्य में निहित स्वार्थों की वजह से अगर कोई बड़ा विरोध-प्रदर्शन होता है तो उसे रोकने के लिए क्या मानक होने चाहिए, इसे भी इस अध्ययन परिणामों के आधार पर तैयार किया जाए। रिपोर्ट के अनुसार अमित शाह के निर्देशों के बाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाले अधीन BPR&D एक टीम गठित करने की प्रक्रिया में है, जो राज्यों के पुलिस महकमों के साथ मिलकर उनके अपराध जाँच विभागों (CID) की रिपोर्टों समेत पुराने केस की फाइलों की स्टडी करेगी।

ED, CBDT को भी वित्तीय पहलुओं की जांच में शामिल करें

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने BPR&D को प्रवर्तन निदेशालय (ED), वित्तीय खुफिया इकाई-भारत (FIUIND) और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) जैसी वित्तीय जाँच एजेंसियों को भी ऐसे आंदोलनों के “वित्तीय पहलुओं” की जाँच प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया है ।

इसके अलावा आतंकी फंडिंग नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए, इन संस्थाओं को वित्तीय अनियमितताओं के विश्लेषण के माध्यम से अज्ञात आतंकी नेटवर्क, उनके संबंधों और इरादों की पहचान करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया विकसित करने को कहा गया है।

खालिस्तानी उग्रवाद से भी निपटने के लिए SOP बनाने के निर्देश

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि अमित शाह ने राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) से पंजाब में खालिस्तानी उग्रवाद और सामान्य आपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए भी अलग-अलग SOP तैयार करने को कहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमित शाह ने BPR&D को विभिन्न धार्मिक जनसभाओं पर भी स्टडी करने के लिए राज्य पुलिस विभागों के साथ समन्वय करने को कहा है ताकि भगदड़ जैसी घटनाओं के कारणों को समझा जा सके और ऐसे आयोजनों की निगरानी और नियमन के लिए भी एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जा सके।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com