Amit Shah vs Akhilesh Yadav : क्या मुस्लिम महिलाओं को मिलेगा आरक्षण? लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने दी बड़ी जानकारी

महिला आरक्षण बिल पर बहस के दौरान अमित शाह ने साफ कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान में मान्य नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और परिसीमन में बाधा डालने का आरोप लगाया।

Amit Shah vs Akhilesh Yadav : क्या मुस्लिम महिलाओं को मिलेगा आरक्षण? लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने दी बड़ी जानकारी

Amit Shah vs Akhilesh Yadav / Image Source : FILE

Modified Date: April 17, 2026 / 07:40 pm IST
Published Date: April 17, 2026 7:40 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अमित शाह का साफ बयान—धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाएगा
  • विपक्ष पर तुष्टीकरण और राजनीति करने का आरोप
  • परिसीमन और सीट फ्रीज को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

नई दिल्ली : Amit Shah vs Akhilesh Yadav महिला आरक्षण बिल पर जारी चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। अमित शाह शाह ने कहा- मैं सरकार की, संविधान की और भाजपा की पॉलिसी साफ करना चाहता हूं। संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण स्वीकार नहीं करता। संविधान में कहीं पर भी धर्म के आधार पर आरक्षण की मान्यता नहीं है। इंडी अलायंस ने तुष्टीकरण के कारण मुस्लिम आरक्षण की मांग खड़ी करना चाहते हैं।

Muslim Women Reservationहमारी सरकार की नीति साफ

उन्होंने कहा की हमारी सरकार की नीति साफ है कि धर्म के आधार पर आरक्षण न आज देंगे न किसी को देने देंगे। ओबीसी आरक्षण पर उन्होंने कहा की देश में ओबीसी का सबसे बड़ा कोई विरोध पार्टी है तो कांग्रेस है। इन्होंने चौधरी चरण सिंह और सीताराम केसरी, दोनों को कार्यकाल पूरा करने नहीं दिया। 1957 में काकासाहेब समिति के सुझाव आए, कांग्रेस ने सुझाव को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इंदिरा सरकार में मंडल आयोग के सुझान को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

Women Reservation Bill Voting अखिलेश यादव के सवाल पर तंज

बहस के दौरान अमित शाह ने बताया कि 127 लोकसभा सीटें ऐसी हैं जहाँ आबादी 20 लाख से ज्यादा है। इस पर अखिलेश यादव ने टोकते हुए पूछा कि ये आंकड़े कब के हैं और यदि ताजा आंकड़े बताए जाएं तो यह संख्या दोगुनी हो सकती है। अखिलेश के इस सवाल पर अमित शाह ने कहा, “इनको ये भी नहीं पता है कि वे तर्क अपने पक्ष में दे रहे हैं या विपक्ष में।” शाह का आशय था कि आबादी बढ़ने का तर्क परिसीमन की आवश्यकता को और भी मजबूती देता है, जिसका विपक्ष विरोध कर रहा है। शाह ने विश्वास दिलाया कि यदि विपक्ष परिसीमन में सहयोग करे, तो मतदाताओं के प्रतिनिधित्व का असंतुलन खत्म हो जाएगा।

Women Reservation Bill 2026 1972 में इंदिरा गांधी की सरकार ने सीटें फ्रीज कर दी थीं

अमित शाह ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि 1972 में इंदिरा गांधी की सरकार ने सीटें फ्रीज कर दी थीं और इमरजेंसी के दौरान परिसीमन पर रोक लगा दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश को दशकों तक परिसीमन से वंचित रखा और आज भी वह इसमें अड़ंगा डालना चाहती है। जब विपक्ष ने याद दिलाया कि 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने परिसीमन को 2026 तक के लिए आगे बढ़ाया था, तो शाह ने पलटवार करते हुए कहा, वाजपेयी जी कांग्रेस पार्टी को अच्छे से जानते थे। उन्हें अंदाजा था कि ये लोग बिल को गिराना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने इसे आगे बढ़ा दिया था।

इन्हें भी पढ़े:-


लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..