आंध्र प्रदेश बस हादसा: यात्रियों ने जान बचाने के लिए संघर्ष के क्षणों को याद किया

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आंध्र प्रदेश बस हादसा: यात्रियों ने जान बचाने के लिए संघर्ष के क्षणों को याद किया

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  • Publish Date - March 26, 2026 / 04:45 PM IST,
    Updated On - March 26, 2026 / 04:45 PM IST

रायावरम, 26 मार्च (भाषा) आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम जिले में बृहस्पतिवार को एक बस में लगी भीषण आग में

जीवित बचे लोगों को अंधेरा, धुआं, आग, गर्मी, अफरा-तफरी और नींद में सीट से गिर जाने जैसी कई भयानक स्थितियों का सामना करना पड़ा।

इस हादसे में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग झुलस गए।

पोडिली जाने वाली सड़क पर रायावरम गांव के पास एक निजी बस कंक्रीट से लदे डंपर ट्रक से टकरा गई और उसमें आग लग गयी।

शवों को जब एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा था तो सड़क पर कई पूरी तरह से झुलसे हुए शव पड़े हुए थे।

एक व्यक्ति की तो पसलियां तक दिखाई दे रही थीं, जो आग की भयावहता को दर्शाता है।

अस्पताल में बिस्तर पर लेटी एक महिला यात्री ने दुर्घटना की दास्तां बताई और कहा कि उनके साथ यात्रा कर एक लड़के ने कहा था, ‘‘पिन्नी (आंटी), हम इस दुर्घटना में मर जाएंगे’’।

उन्होंने एक स्थानीय समाचार चैनल को बताया, “हमें सुबह तक उदयगिरि पहुंचना था। हम तीन लोग थे। हम में से दो जीवित हैं, लेकिन लड़के का कोई पता नहीं है। हम सो रहे थे और अपनी सीट से गिर गए। जब ​​तक हमें गिरने का कारण समझ आया, तब तक धुआं ही धुआं भर गया था।”

महिला ने बताया कि लड़के ने यह बात तब कही थी, जब वे यह समझने की कोशिश कर ही रहे थे कि क्या हुआ था और धुआं क्यों फैला था।

उन्होंने बताया कि दो लोग बगल के दरवाजे से निकलने में कामयाब रहे।

महिला के अनुसार, बस बहुत तेज गति से चल रही थी और वह पीछे से पांचवीं पंक्ति में बैठी थी।

हादसे में झुलसे एक युवक ने बताया कि उसे पता ही नहीं चला कि क्या हुआ था।

उसने कहा, “मुझे नहीं पता क्या हुआ। मैं सो रहा था। मैं सड़क पर गिर गया। मेरे शरीर पर आग की लपटें थीं।”

युवक का इलाज जारी है और इस कारण वह मुश्किल से बोल पा रहा था। एक अन्य पुरुष यात्री ने बताया कि दुर्घटना सुबह लगभग साढ़े पांच बजे हुई और उसे और एक अन्य व्यक्ति को खिड़की तोड़कर कूदना पड़ा।

देखने में बिल्कुल ठीक लग रहे व्यक्ति ने बताया कि उसने तेलंगाना के निजामाबाद से अपनी यात्रा शुरू की थी और पामुरु जा रहा था कि तभी रास्ते में यह दुर्घटना हुई।

बस की पहली सीट पर बैठे एक युवक ने बताया कि बहुत सारा धुआं उसके अंदर चला गया था और उसे सांस लेने में बहुत तकलीफ हो रही थी।

उसने कहा, “जब तक आग ने मुझे अपनी चपेट में नहीं लिया तब तक, मुझे कुछ पता ही नहीं चला। मैं सांस नहीं ले पा रहा था और बहुत सारा धुआं मेरे अंदर चला गया था। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती गई, मैं जागा लेकिन तब तक आग बहुत करीब आ चुकी थी। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था और चारों तरफ अंधेरा छाया हुआ था।”

युवक ने बताया कि जलती हुई बस से कूदने के बाद वह कुछ दूर चला गया, लेकिन उसे कोई नहीं मिला।

उसने बताया कि दुर्घटना के समय यात्री जान बचाने की कोशिश में एक-दूसरे को कुचल रहे थे।

भाषा जितेंद्र वैभव

वैभव