Andhra Pradesh Capital Amaravati Notification || Image- ANI News File
हैदराबाद: आंध्र प्रदेश राज्य से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। यहां अमरावती को आधिकारिक तौर पर आंध्र प्रदेश की नई राजधानी घोषित कर दिया गया है। (Andhra Pradesh Capital Amaravati Notification) आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत अमरावती को नई राजधानी घोषित करने वाली राजपत्र अधिसूचना पर सोमवार, 6 अप्रैल को हस्ताक्षर किए गए है। राजपत्र के अनुसार, यह अधिसूचना 2 जून, 2024 से पूर्वव्यापी रूप से लागू होगी। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने X पर यह खबर साझा की।
The capital of Andhra Pradesh is Amaravati.
#APThanksIndia#APThanksModiJi #HistoricAmaravatiResolution pic.twitter.com/W4TocOw8nQ
— N Chandrababu Naidu (@ncbn) April 7, 2026
गौरतलब है कि, यह फैसला 2014 में तत्कालीन संयुक्त राज्य के आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में विभाजन के 12 साल बाद आया है। हालांकि राज्य सरकार ने 23 अप्रैल, 2016 को ही अमरावती को राजधानी घोषित कर दिया था, लेकिन नए अधिनियम की अधिसूचना के साथ इसे केंद्र से कानूनी दर्जा प्राप्त हो गया है। आंध्र प्रदेश विधानसभा ने 28 मार्च, 2026 को एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र से अधिनियम की धारा 5(2) में संशोधन करने का आग्रह किया था, ताकि अमरावती को राज्य की राजधानी के रूप में औपचारिक कानूनी मान्यता दी जा सके।
पिछले सप्ताह, संसद ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी थी। लोकसभा द्वारा पहले ही पारित किए जाने के बाद राज्यसभा ने भी इसे अपनी स्वीकृति दे दी थी। (Andhra Pradesh Capital Amaravati Notification) इस कानून ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 में संशोधन किया और अमरावती को राज्य की एकमात्र राजधानी के रूप में वैधानिक मान्यता प्रदान की। मूल 2014 के अधिनियम में राज्य के विभाजन के बाद एक नई राजधानी बनाने का प्रावधान था।
इससे पहले बहस के दौरान, कांग्रेस ने अमरावती को औपचारिक रूप से राजधानी घोषित करने में हुई 12 साल की देरी पर सरकार को अड़े हाथ लिया था। विपक्ष ने इसे संसद तथा केंद्र दोनों की एक बड़ी विफलता करार दिया था। अमरावती का समर्थन करते हुए पार्टी ने कहा था कि संसद में किए गए वादों पर समय पर अमल नहीं किया गया, जिससे राज्य में अनिश्चितता बनी रही।
इस देरी का एक कारण YS जगन मोहन रेड्डी सरकार का 2019 का वह प्रस्ताव भी था, जिसमें तीन राजधानियाँ विकसित करने की बात कही गई थी। इसमें विशाखापत्तनम को कार्यकारी राजधानी और अमरावती और कुरनूल को न्यायिक राजधानी के रूप में विकसित करने का ऐलान किया था। (Andhra Pradesh Capital Amaravati Notification) हालांकि यह योजना बाद में विफल हो गई।
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