श्रीकाकुलम (आंध्र प्रदेश), 25 फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में कथित तौर पर दूषित पानी पीने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 70 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद अधिकारियों ने आपातकालीन उपाय शुरू किए।
श्रीकाकुलम कस्बे की एक कॉलोनी के कई निवासियों ने 22 जनवरी को दस्त की शिकायत की, जिसके बाद इलाके में निगरानी और स्वच्छता अभियान तेज कर दिए गए।
श्रीकाकुलम की जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (डीएमएचओ) के. अनीता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘श्रीकाकुलम कस्बे की दम्मला वीदी कॉलोनी में कथित तौर पर दूषित पानी पीने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है और 70 से अधिक अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।’’
उन्होंने कहा कि इस प्रकोप के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए पानी और अन्य आवश्यक नमूनों को एकत्र कर उनकी जांच की जाएगी, हालांकि इसके कई कारण हो सकते हैं।
डीएमएचओ के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में घर-घर जाकर जांच की जा रही है और मामूली प्रकरण में मौके पर ही उपचार प्रदान किया जा रहा है।
गंभीर लक्षणों वाले मरीजों को बेहतर इलाज के लिए नजदीकी चिकित्सा शिविरों के साथ-साथ सरकारी और निजी अस्पतालों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
अधिकारी ने बताया कि फिलहाल, 70 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरी कॉलोनी में पाइपलाइन बंद कर दी गई है और टैंकर तथा वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से पीने के साफ पानी की आपूर्ति की जा रही है।
इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की।
नायडू ने दोनों घटनाओं में विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे लोगों की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए विभिन्न विभागों के बीच सुचारू समन्वय सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
वाईएसआरसीपी सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने श्रीकाकुलम में स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की, जहां कथित रूप से दूषित पानी के इस्तेमाल के कारण कई लोग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
उन्होंने राज्य सरकार की ‘‘प्रशासनिक विफलता’’ की आलोचना की और अस्पातलों में वेंटिलेटर पर रखे गए लोगों के लिए विशेष देखभाल की मांग की।
श्रीकाकुलम की घटना राजामहेंद्रवरम में दूध संदूषण त्रासदी के बाद हुई है।
भाषा सुरभि मनीषा
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