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PM Modi Israel Visit Priyanka Gandhi: नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय ऐतिहासिक इजराइल यात्रा पर हैं, जिसमें वह इजरायली संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। इसी बीच, कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट किया है। प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी से अपील की है कि वह अपने संबोधन में गाजा में चल रहे संघर्ष और वहां मारे गए हजारों निर्दोष लोगों का मुद्दा उठाएं। चलिए विस्तार से पूरा मामला बताते हैं।
कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडियो के जरिए पीएम मोदी से अपील की है कि वह अपने संबोधन में गाजा में चल रहे संघर्ष और वहां मारे गए हजारों निर्दोष लोगों का मुद्दा उठाएं। प्रियंका गांधी ने कहा कि भारत को विश्व मंच पर हमेशा सत्य और न्याय का मार्ग दिखाना चाहिए और गाजा में “हजारों निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के नरसंहार” के मुद्दे को उजागर करना नैतिक जिम्मेदारी है।
प्रियंका ने लिखा, ‘मुझे आशा है कि माननीय प्रधानमंत्री जी इज़राइल की अपनी आगामी यात्रा के दौरान संसद को संबोधित करते हुए गाजा में हजारों निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के नरसंहार का उल्लेख करेंगे और उनके लिए न्याय की मांग करेंगे। भारत ने एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपने पूरे इतिहास में सत्य का साथ दिया है, हमें दुनिया को सत्य, शांति और न्याय का प्रकाश दिखाते रहना चाहिए’।
प्रियंका गांधी के अलावा, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब दुनिया गाजा की स्थिति पर इजरायली नेतृत्व की आलोचना कर रही है, तब भारत का खुला समर्थन नैतिक दृष्टि से कमजोर रुख दर्शाता है। रमेश ने याद दिलाया कि भारत ने 1988 में फिलिस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी थी और हमेशा से ही फिलिस्तीनी हितों का समर्थक रहा है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे का महत्व केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि मानवाधिकार और वैश्विक न्याय के मुद्दों को भी इसमें शामिल करना जरूरी है।
बता दें कि,
PM Modi Israel Visit: नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज दिल्ली से इजराइल के लिए रवाना हो गए हैं। यह उनका इजराइल का पहला दौरा 9 साल बाद है और इसमें वह तेल अवीव पहुंचकर इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भेंट करेंगे। दौरे के दौरान पीएम मोदी इजराइल की संसद को भी संबोधित करेंगे, जिससे वह इस सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे। हालांकि, इजराइली विपक्ष ने उनके भाषण का बहिष्कार करने की संभावना जताई है और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को आमंत्रित न किए जाने पर भी कुछ विरोध जताया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी अपने इस दौरे में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और वहां टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी का दौरा करेंगे। दोनों देशों के बीच हथियारों और सुरक्षा प्रणालियों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है, जिसमें ड्रोन और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम जैसी तकनीक शामिल हो सकती है। इस दौरे को भारत-इजराइल संबंधों को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है, खासकर रक्षा और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिहाज से।