अंकित शर्मा हत्याकांड: पुलिस आयुक्त बोले- जांच न्यायिक कसौटी पर खरी उतरी

अंकित शर्मा हत्याकांड: पुलिस आयुक्त बोले- जांच न्यायिक कसौटी पर खरी उतरी

अंकित शर्मा हत्याकांड: पुलिस आयुक्त बोले- जांच न्यायिक कसौटी पर खरी उतरी
Modified Date: July 13, 2026 / 10:00 pm IST
Published Date: July 13, 2026 10:00 pm IST

नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) उत्तर पूर्वी दिल्ली में करीब छह साल पहले हुए दंगों के दौरान आसूचना ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को दोषी ठहराए जाने के बाद पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने सोमवार को कहा कि जांच न्यायिक कसौटी पर खरी उतरी है।

दंगों के दौरान विशेष पुलिस आयुक्त के तौर पर प्रभावित क्षेत्र में मौजूद गोलछा ने जांच का नेतृत्व किया था।

अब दिल्ली पुलिस प्रमुख गोलछा ने एक बयान में कहा, “दिल्ली दंगों के दौरान, हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी कानून व्यवस्था बनाए रखना और निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित जांच सुनिश्चित करना था।”

उन्होंने कहा कि विश्वसनीय सबूत इकट्ठा करने और जिम्मेदार लोगों को कानून के कठघरे में लाने के लिए हर संभव प्रयास किया गया।

गोलछा ने कहा, “अदालत के फैसले के बाद मुझे संतुष्टि है कि जांच टीम की मेहनत और पेशेवर दक्षता न्यायिक कसौटी पर खरी साबित हुई। हम 2020 के दंगों के दौरान हुए अपराधों के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कानून की उचित प्रक्रिया के माध्यम से न्याय के कटघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

वहीं, विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) एचजीएस धालीवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दिल्ली की एक अदालत ने अंकित शर्मा हत्याकांड के पांच आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या), 153ए (विभिन्न समुदायों के बीच धर्म, जाति, भाषा या जन्म स्थान के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा देना), 149 (दंगा करना), 365 (अपहरण), 149 (गैरकानूनी सभा), 148 (घातक हथियार के साथ दंगा करना) और 147 (दंगा करने के लिए सजा) के तहत दोषी करार दिया।

धालीवाल ने कहा, “इस मामले की जांच अपराध शाखा ने की थी। यह उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक था। अपराध शाखा की गहन जांच के आधार पर ही आरोपियों को दोषी ठहराया गया।”

उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश की विस्तृत प्रति मिलने के बाद पुलिस और जानकारी देगी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ‘आप’ के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, हसीन उर्फ ​मुल्लाजी उर्फ सलमान, नजीम, कासिम और समीर खान को सोमवार को दोषी करार दिया।

अदालत 11 आरोपियों के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रही थी, जिनमें से पांच को उसने दोषी ठहराया।

यह मामला दयालपुर पुलिस थाने में शर्मा के पिता रविंद्र कुमार की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी पर आधारित था।

शिकायत के मुताबिक, आईबी में तैनात शर्मा 25 फरवरी 2020 को दफ्तर से घर लौटे थे और उसके बाद फिर बाहर निकले थे।

इसमें कहा गया था कि जब शर्मा वापस नहीं आए, तो परिजन ने उनकी तलाश शुरू की और बाद में पता चला कि उनकी हत्या कर दी गई है।

शर्मा का शव चांद बाग पुलिया इलाके में एक मस्जिद के पास खजूरी खास नाले से बरामद हुआ था।

यह वारदात फरवरी 2020 में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के समय हुई थी। इन दंगों में 53 लोगों की जान चली गई थी और कई लोग घायल हो गए थे।

भाषा नोमान नोमान दिलीप

दिलीप


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