देहरादून/हरिद्वार, 15 जून (भाषा) उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ के नाम के खुलास से जुड़े वायरल ऑडियो-वीडियो क्लिप की जांच के सिलसिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक (नगर) प्रमोद कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राठौर को हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र स्थित उनके कार्यालय से हिरासत में लिया गया और फिर देहरादून के डालनवाला थाने लाया गया, जिसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
यह कार्रवाई राठौर की तीन दिन पहले हुई प्रेस वार्ता के बाद हुई है।
राठौर ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ बहादराबाद और झबरेड़ा थानों में दर्ज चार प्राथमिकियों में से दो को रद्द कर दिया है।
इस मामले से जुड़े आपत्तिजनक ऑडियो और वीडियो क्लिप को सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में राठौर के खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज की गई थीं।
राठौर ने कहा था कि डालनवाला और नेहरू कॉलोनी थानों में दर्ज बाकी दो मामलों की जांच अब भी जारी है।
उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने चार जून को इस मामले में राठौर के खिलाफ दर्ज चार प्राथमिकियों में से दो को रद्द कर दिया था।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकल पीठ ने हालांकि बाकी दो प्राथमिकियों में पुलिस जांच जारी रखने की अनुमति दे दी थी।
शिकायतकर्ता दुष्यंत गौतम और आरती गौर ने कहा था कि जो सामग्री फैलाई गई, उसका मकसद जान-बूझकर उनकी बदनामी करना था।
इस मामले में सार्वजनिक किए गए क्लिप में राठौर ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी गौतम की कथित तौर पर पहचान ‘वीआईपी’ के तौर पर की थी।
पूर्व विधायक ने शुक्रवार को हरिद्वार में पत्रकारों से बातचीत में इस बात से इनकार किया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर कोई ऑडियो या वीडियो क्लिप जारी की थी या पार्टी के वरिष्ठ नेताओं या मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई टिप्पणी की थी।
राठौर ने कहा था कि अगर उनके बयानों से किसी को दुख पहुंचा हो तो उस पर खेद जताते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने के लिए एक साजिश रची गई थी।
राज्य सरकार में मंत्री देशराज कर्णवाल ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में उच्च न्यायालय से मिली राहत के बारे में राठौर के दावों को ‘गुमराह करने वाला’ बताया था।
पौड़ी जिले के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 साल की अंकिता भंडारी सितंबर 2022 में लापता हो गई थीं और बाद में उनका शव बरामद किया गया था।
इस घटना के बाद पूरे उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए और रिसॉर्ट के मालिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में उनकी हत्या का दोषी ठहराया गया।
भाषा जितेंद्र शोभना
शोभना