बेअदबी रोधी कानून: पंजाब सरकार ने अकाल तख्त समिति के साथ समन्वय के लिए समिति का गठन किया

बेअदबी रोधी कानून: पंजाब सरकार ने अकाल तख्त समिति के साथ समन्वय के लिए समिति का गठन किया

बेअदबी रोधी कानून: पंजाब सरकार ने अकाल तख्त समिति के साथ समन्वय के लिए समिति का गठन किया
Modified Date: September 16, 2026 / 10:13 pm IST
Published Date: September 16, 2026 10:13 pm IST

चंडीगढ़, 16 सितंबर (भाषा) पंजाब सरकार ने बुधवार को सात सदस्यीय समिति का गठन किया, जो बेअदबी रोधी कानून पर अकाल तख्त द्वारा गठित समिति के साथ समन्वय करेगी, विचार-विमर्श करेगी और आगे के कदम के लिए अपने सुझाव देगी।

अकाल तख्त ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ पर कई आपत्तियां जताई हैं। इस विधेयक को 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया था।

समिति में अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, दमदमी टकसाल प्रमुख ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा, रामपुर खेड़ा के संत बाबा सेवा सिंह, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जसपाल सिंह, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति गुरबीर सिंह, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एवं पंजाब लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष जतिंदर सिंह औलख तथा विधि अधिकारी प्रीत इंदर पाल सिंह शामिल हैं।

राज्य के गृह विभाग के एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह समिति अकाल तख्त द्वारा गठित समिति के साथ समन्वय बनाए रखेगी, चर्चा और संवाद करेगी तथा आगे के आवश्यक कदम के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों और सुझावों पर पंजाब सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगी।

इस कानून में गुरु ग्रंथ साहिब के खिलाफ बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास सहित सख्त सजा का प्रावधान शामिल है। इसमें 5 लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रस्ताव है।

हालांकि, अकाल तख्त ने इस कानून पर आपत्तियां जताई थीं। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने 29 जून को राज्य सरकार को एक महीने के भीतर बेअदबी रोधी कानून से जुड़ी आपत्तियों का समाधान करने को कहा था।

भाषा अमित माधव

माधव


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