Anupriya Patel in Lok Sabha: आधी आबादी को कब मिलेगा हक? लोकसभा में अनुप्रिया पटेल ने उठाया सवाल, कहा ऐतिहासिक फैसले का इंतजार

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Anupriya Patel in Lok Sabha: आधी आबादी को कब मिलेगा हक? लोकसभा में अनुप्रिया पटेल ने उठाया सवाल, कहा ऐतिहासिक फैसले का इंतजार

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  • Publish Date - April 17, 2026 / 03:25 PM IST,
    Updated On - April 17, 2026 / 03:25 PM IST

Anupriya Patel in Lok Sabha | Photo Credit: Sansad TV

HIGHLIGHTS
  • अनुप्रिया पटेल ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया
  • महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी अभी भी बेहद कम है
  • दक्षिणी राज्यों की चिंताओं पर सरकार ने आश्वासन दिया कि सीटों की वृद्धि समान रूप से होगी

नई दिल्ली: Anupriya Patel in Lok Sabha केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (Women’s Reservation Bill) का समर्थन किया है। उन्होंने सदन में कहा कि देश की आधी आबादी इस ऐतिहासिक फैसले का इंतजार कर रही है। पटेल ने कहा कि भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव होगा और वह देख रही है कि क्या भारतीय राजनीति में जिस बड़े बदलाव का संकेत मिल रहा है।

Anupriya Patel in Lok Sabha उन्होंने बताया कि उन्होंने कहा कि यह सच है कि सभी राजनीतिक दलों ने मिलकर 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संयुक्त रूप से पारित किया है। लेकिन अभी भी देश की आधी आबादी को इस बिल के क्रियान्वयन होने का इंतजार है। हम सब जानते हैं कि देश की आधी आबादी के राजनीतिक सशक्तिकरण के बिना उसके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण अधूरा है और इसलिए यह समय की मांग है कि जिस नारी शक्ति वंदन अधिनियम को हम सब ने मिलकर पारित किया था उसे लागू करने के लिए भी आज हम सभी दल एक होकर इस नेक काम को करें।

महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी की स्थिति यह है कि लोकसभा में आज भी हमारी संख्या महज 14% है। राज्यसभा में हम 18% हैं और देश की तमाम राज्यों की विधानसभाओं में देखें तो हम 10% से अधिक कहीं भी नहीं है और यह आंकड़ा बहुत ही निराशाजनक है और आज समय है कि हम इस तस्वीर को बदलें क्योंकि अगर देश की राजनीति की तस्वीर बदलेगी तो देश की राजनीति का चरित्र भी बदलेगा।

दक्षिणी राज्यों की चिंता और विपक्ष के आरोप

बहस के दौरान दक्षिणी राज्यों से संबंधित चिंताओं पर भी चर्चा हुई। इस दौरान पटेल ने कहा कि गृह मंत्री ने इसी सदन में खड़े होकर ऐसे तमाम हमारे सांसद गणों की चिंताओं का समाधान भी किया और उनकी शंका को खारिज करते हुए भी यह बताया कि सभी राज्यों की बराबरी में 50% सीटों की वृद्धि की जाएगी और जनसंख्या के आंकड़ों का किसी भी राज्य को सीटों की दृष्टि से कोई भी नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन फिर भी हमारे कुछ सांसद गण कह रहे हैं कि यह तो कहीं आपने आप सिर्फ अशोरेंस दे रहे हैं। वर्बल अश्योरेंस दे रहे हैं। यह कहीं भी लिखा नहीं हुआ है।

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महिला आरक्षण विधेयक कब पारित हुआ था?

2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के रूप में सभी दलों ने इसे पारित किया था।

वर्तमान में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी कितनी है?

लोकसभा में 14%, राज्यसभा में 18% और विधानसभाओं में 10% से भी कम।

अनुप्रिया पटेल ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी इस फैसले का इंतजार कर रही है और इसके बिना आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण अधूरा है।