किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी: धर्मेंद्र प्रधान

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किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी: धर्मेंद्र प्रधान

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  • Publish Date - May 28, 2026 / 08:12 PM IST,
    Updated On - May 28, 2026 / 08:12 PM IST

(फाइल फोटो सहित)

नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान ने कहा कि किसी भी प्रकार की चूक या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच सीबीएसई ने कहा है कि यह एक ‘‘सुरक्षित और मजबूत सूचना प्रौद्योगिकी मंच’’ है और वास्तविक मूल्यांकन पोर्टल में किसी भी तरह की सेंध या चूक की कोई सूचना नहीं है।

सीबीएसई ने यह भी कहा कि इस मंच का, “पैनल में शामिल एजेंसियों से सुरक्षा ऑडिट कर परीक्षण और प्रमाणन” कराया गया है। बोर्ड के अनुसार, यह प्रणाली “मजबूत डिजिटल ढांचे” से लैस है, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षित स्कैनिंग और प्रसंस्करण के लिए कई स्तर की गुणवत्ता जांच और सुरक्षा उपाय शामिल हैं।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि द्वारका स्थित बोर्ड मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, सीबीएसई अध्यक्ष राहुल सिंह, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास और आईआईटी, कानपुर के निदेशक तथा शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय विद्यालय संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बयान में कहा गया, ‘‘बैठक के दौरान, मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया कि छात्रों द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं का समय पर, पारदर्शी और छात्र-हितैषी तरीके से समाधान किया जाए।’’

प्रधान ने पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया, साथ ही छात्रों और अभिभावकों को आश्वासन दिया कि सभी वास्तविक चिंताओं का प्रभावी और शीघ्रता से समाधान किया जाएगा।

मंत्री ने छात्र सहायता प्रणाली को मजबूत करने, मूल्यांकन और निगरानी व्यवस्था में सुधार, सीबीएसई के डिजिटल प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने तथा परीक्षा संबंधी सेवाओं को छात्रों के लिए अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया।

उन्हें बताया गया कि इस वर्ष कक्षा 12 की परीक्षा में लगभग 18 लाख छात्र शामिल हुए, जिनमें लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और लगभग 40 करोड़ स्कैन किए गए पृष्ठ शामिल हैं। अब तक, लगभग चार लाख छात्रों ने पोर्टल के माध्यम से लगभग 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं को देखा है।

मंत्रालय के अनुसार, छात्रों को निर्बाध और सुचारू सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए, आईआईटी मद्रास के प्रोफेसरों और डिजिटल सिस्टम विशेषज्ञों वाली एक विशेषज्ञ तकनीकी टीम को पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता, लॉगिन प्रबंधन और भुगतान गेटवे एकीकरण की समीक्षा करने का कार्य सौंपा गया है। बयान में कहा गया है, ‘‘शिक्षा मंत्रालय स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।’’

यह समीक्षा बैठक सीबीएसई परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच हुई। बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि कक्षा 12वीं की परीक्षा के परिणाम ‘‘बड़े पैमाने पर अनियमितताओं’’ से प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने इस ‘पूरे घोटाले’ की तह तक जाने के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक जांच व एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की थी।

प्रधान ने कहा कि यह पहली बार है जब सीबीएसई ने इतनी बड़े पैमाने पर इस प्रणाली को लागू किया है और स्वीकार किया कि कुछ विसंगतियां सामने आई हैं।

मंत्री ने कहा, ‘‘कुछ अनियमितताएं हमारे संज्ञान में आई हैं, और मैं उनकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन मुद्दों को ठीक किया जाएगा और उचित समाधान निकाले जाएंगे।’’

प्रधान ने राहुल गांधी की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ‘हताश’ और ‘तकनीकी प्रगति के विरोधी’ हैं।

ओएसएम प्रणाली को लेकर विवाद तब बढ़ गया जब 12वीं कक्षा के कई छात्रों ने अंक देने में गड़बड़ी का आरोप लगाया और कहा कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं।

भाषा आशीष नरेश

नरेश