अरिकोम्बन मामला : अदालत द्वारा गठित समिति ने हाथी को पकड़ने के बजाय स्थानांतरित करने की सिफारिश की

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अरिकोम्बन मामला : अदालत द्वारा गठित समिति ने हाथी को पकड़ने के बजाय स्थानांतरित करने की सिफारिश की

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  • Publish Date - April 4, 2023 / 10:07 PM IST,
    Updated On - April 4, 2023 / 10:07 PM IST

कोच्चि, चार अप्रैल (भाषा) केरल उच्च न्यायालय द्वारा चावल खाने वाले हाथी ‘अरिकोम्बन’ के भाग्य का फैसला करने के लिए गठित विशेषज्ञ समूह ने मंगलवार को तय किया कि उक्त हाथी का स्थानांतरण किया जाए, न कि उसे बांधकर ‘कुम्की’ हाथी बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

समिति ने सोमवार को इडुक्की जिले के उन इलाकों का दौरा किया था जहां पर ‘अरिकोम्बन’ ने उत्पात माचाया था। समिति के सदस्यों ने स्थानीय लोगों की शिकायतें सुनी थीं। समिति ने दिन में अरिकोम्बन को लेकर फैसला करने पर विचार करने के लिए यहां बैठक की थी। इस हाथी को ‘अरिकोम्बन’ नाम उसकी चावल खाने के लिए घरों और राशन की दुकानों में घुसने की आदत की वजह से दिया गया।

सूत्रों ने बताया, ‘‘लगभग पूरे दिन बैठक करने के बाद समिति अंतत: हाथी को दूसरे स्थान पर भेजने पर सहमत हुई। समिति हाथी को कुम्की हाथी बनाने के लिए पकड़ने और प्रशिक्षित करने के पक्ष में नहीं है।’’

सूत्रों के अनुसार समिति ने पाया कि स्थानीय लोगों की हाथी के प्रति भय और आशंका जायज है।

समिति द्वारा हाथी को दूसरे स्थान पर भेजने के फैसले को प्रसिद्ध मुन्नार पहाड़ी पर्यटन स्थान की सीमा से लगे संथनपारा, चिन्नाकनाल और अन्य प्रभावित ग्राम पंचायतों के लोगों से समर्थन मिलने की उम्मीद है जो कई दिनों से हाथी को दूसरे इलाके में भेजने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

समिति अपनी रिपोर्ट न्यायमूर्ति ए के जयशंकरन नाम्बियार और न्यायमूर्ति गोपीनाथ पी. की विशेष पीठ के समक्ष बुधवार को जमा करेगी जहां इस मामले की सुनवाई होनी है।

अदालत ने 29 मार्च को पांच सदस्यीय समिति बनाई थी और इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा हाथी को पकड़कर कोदंड हाथी शिविर स्थित बाड़े में रखने के फैसले के क्रियान्वयन पर भी पांच अप्रैल तक रोक लगा दी थी।

भाषा धीरज वैभव

वैभव