नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं ने संयुक्तता और अंतरसंचालन क्षमता की पुन:पुष्टि करते हुए ‘एक्सरसाइज द्वीप शक्ति’ नामक संयुक्त अभ्यास किया, जिसके तहत अगली पीढ़ी के उपकरणों और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए समन्वित जमीनी-समुद्री हमलों, समुद्री वर्चस्व अभियान और जटिल समुद्री लैंडिंग प्रयासों को अंजाम दिया गया। भारतीय सेना ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सेना ने बताया कि ‘एक्सरसाइज द्वीप शक्ति’ 24 से 28 मार्च तक आयोजित किया गया, जिसमें तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में रक्षा अभियानों के दौरान “त्वरित प्रतिक्रिया” के लिए एकीकृत क्षमता की पुष्टि हुई।
सेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने अगली पीढ़ी के उपकरणों और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए बेहतरीन तालमेल के साथ समन्वित जमीनी-समुद्री हमलों, समुद्री वर्चस्व अभियान और जटिल समुद्री लैंडिंग अभ्यास को अंजाम दिया, जिससे सटीकता, संयुक्तता और अंतरसंचालनीयता की पुष्टि हुई।’’
सेना ने अभ्यास से जुड़ी कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।
उसने कहा कि इस अभ्यास ने एकीकृत रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं को भी परिष्कृत किया, जिससे सशस्त्र बलों की बढ़ती बहु-क्षेत्रीय क्षमता और भारत की समुद्री सीमाओं एवं द्वीपीय क्षेत्रों को सुरक्षित करने की उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता को बल मिला।
भाषा पारुल आशीष
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