(तस्वीरों सहित)
जम्मू, चार फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में एक गुफा में छिपे जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक स्वघोषित शीर्ष कमांडर समेत दो पाकिस्तानी आतंकवादी बुधवार को सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गये। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दोपहर के आसपास जब सुरक्षा बलों ने गुफा पर धावा बोला, तो कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं।
अधिकारियों ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान रुबानी उर्फ अबू मविया के रूप में हुई, जो पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय था।
उन्होंने बताया कि एक आतंकवादी का शव एक गुफा के पास से बरामद किया गया, जबकि दूसरे का शव गुफा के अंदर मिला।
अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार शाम लगभग चार बजे रामनगर के जाफड़ वन क्षेत्र में सेना, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के संयुक्त दस्ते ने गुफा के भीतर आतंकवादियों का पता लगाया, जिसके बाद मुठभेड़ हुई।
सेना ने 20 घंटे से अधिक समय तक चले इस अभियान को ‘किया’ नाम दिया और कहा कि यह अभियान समाप्त हो चुका है, लेकिन इलाका अब भी निगरानी में है।
सेना की व्हाइट नाइट कोर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पुलिस से मिली पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर ‘काउंटर इंटेलिजेंस फोर्स डेल्टा’ और ‘व्हाइट नाइट कोर’ के जवानों ने पुलिस तथा सीआरपीएफ के साथ मिलकर बसंतगढ़ के जाफर जंगल में एक संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभियान चलाया। इस दौरान घेराबंदी को मजबूत किया गया ताकि आतंकवादी भाग न सकें।’’
पोस्ट में कहा गया, “कल आतंकवादियों से सामना होने के बाद उन पर कड़ी नजर रखी गई। सुनियोजित और समन्वित कार्रवाई के बाद दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। इस अभियान में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, सामरिक सटीकता और उच्च स्तर की पेशेवर क्षमता देखने को मिली।”
अधिकारियों ने बताया कि मारे गये आतंकवादियों के पास से एक एम4 कार्बाइन और एक एके असॉल्ट राइफल समेत भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं।
जाफड़, गुजराड़ा और चिगला बलोता के जंगलों में एक घंटे से अधिक समय तक भीषण गोलीबारी और विस्फोट हुए, जिसमें एक आतंकवादी घायल हो गया, हालांकि वह अपने साथी के साथ गुफा के अंदर चला गया।
अधिकारियों के मुताबिक, शाम लगभग साढ़े सात बजे आतंकवादियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की और इस दौरान इलाके में फिर से गोलीबारी और जोरदार धमाके हुए।
उन्होंने बताया कि इसके बाद घेराबंदी को और मजबूत करने के लिए पैराट्रूपर्स और श्वान दस्ते समेत सेना की अतिरिक्त टुकड़ियों को मौके पर भेजा गया।
यह 15 दिसंबर के बाद उधमपुर में दूसरी मुठभेड़ थी, जब सौन गांव में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी। हालांकि, घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकवादी भाग गए थे।
जनवरी में कठुआ जिले में तीन और किश्तवाड़ के छात्रू वन क्षेत्र में चार मुठभेड़ हुईं जिनके परिणामस्वरूप कठुआ में जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकवादी उस्मान को ढेर किया गया और किश्तवाड़ में एक पैराट्रूपर शहीद हो गया। ये मुठभेड़ जम्मू क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे गहन अभियानों के बीच हुईं।
भाषा खारी देवेंद्र
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