अरुणाचल पुलिस ने तीन लापता लड़कियों को बचाया, नाबालिग लड़का हिरासत में

Ads

अरुणाचल पुलिस ने तीन लापता लड़कियों को बचाया, नाबालिग लड़का हिरासत में

  •  
  • Publish Date - April 2, 2026 / 03:21 PM IST,
    Updated On - April 2, 2026 / 03:21 PM IST

इटानगर, दो अप्रैल (भाषा) अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने तीन नाबालिग लड़कियों को बचाया जिनके बारे में संदेह था कि उन्हें पड़ोसी राज्य असम में तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। इस मामले में एक किशोर लड़के को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

आरोप है कि 12, 13 और 15 वर्ष की आयु की लड़कियों की मुलाकात उस लड़के से सोशल मीडिया पर हुई और उसने उन्हें किसी बहाने से बहलाकर उनके घर से भागने के लिए उकसाया।

इटानगर के पुलिस अधीक्षक जुम्मार बासर ने बताया कि बाहरी इलाके पापुम पारे जिले के जोलांग क्षेत्र में रहने वाले लड़कियों के परिवार वालों को उन्हें सौंप दिया गया है।

लड़कियों के 30 मार्च को लापता होने के बाद महिला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

बासर ने बुधवार को बताया कि पुलिस ने राजधानी क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया है और स्मार्ट सिटी निगरानी प्रणाली के तहत सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रही है।

तकनीकी सूचनाओं और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर, नाबालिगों का पता असम-अरुणाचल सीमा के पास हरमुती-बंदरदेवा क्षेत्र में लगाया गया।

हरमुती असम के लखीमपुर जिले में है, जबकि बंदरदेवा पापुम पारे जिले में है। पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने 31 मार्च की सुबह दोनों लड़कियों को बचाया और इस मामले में करीब 16 साल के एक लड़के को हिरासत में लिया।

एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़िताओं से संपर्क किया और कथित तौर पर उन्हें बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।

लड़कियों को एक रात के लिए पेइंग गेस्ट हाउस में रखा गया। फिर उन्हें किराए के स्कूटर पर हरमुती ले जाया गया, जहां उन्हें कैद कर लिया गया।

पुलिस ने बताया कि पीड़िताओं की बातों से संकेत मिलता है कि उन्हें गुवाहाटी ले जाया जा रहा था लेकिन समय पर हस्तक्षेप के कारण आगे की यात्रा रोक दी गई।

अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और लड़कियों की चिकित्सा जांच की गई है और उन्हें उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।

पुलिस ने अभिभावकों से बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने का आग्रह किया है।

भाषा तान्या नरेश

नरेश