मनमदुरै, दो अप्रैल (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता कनिमोई ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि एडप्पाडी के. पलानीसामी का भी वही हश्र होगा जो जनता दल यूनाइटेड (जदयू) प्रमुख नीतीश कुमार का हुआ।
उन्होंने अन्नाद्रमुक से ‘कम से कम’ विपक्ष में आने की इच्छा जताई।
लोकसभा सदस्य ने 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि यह महज विधानसभा चुनाव नहीं बल्कि ‘कीलाडी और आरएसएस के मुख्यालय नागपुर’ के बीच की लड़ाई है।
कनिमोई इस जिले में कीलाडी में हुए पुरातात्विक उत्खनन का जिक्र कर रही थीं।
उन्होंने दावा किया कि खुदाई से तमिल भाषा की विरासत का महत्व साबित हुआ है, जिसे ‘भाजपा स्वीकार नहीं करना चाहती’।
द्रमुक सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने केंद्र से शोध रिपोर्ट स्वीकार करने का आग्रह किया था लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने ऐसा नहीं किया।
कनिमोई ने कहा, “उन्होंने (भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने) इसे स्वीकार नहीं किया क्योंकि इससे दुनिया के सामने तमिलों और तमिल जाति का महत्व उजागर हो जाता। भाजपा इसे स्वीकार नहीं कर सकती। (वह सरकार) जो तमिलनाडु पर हिंदी थोपती रहती है, वह संस्कृत की तुलना में तमिल के लिए नाममात्र का आवंटन करती है।”
उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए अन्नाद्रमुक पर जमकर निशाना साधा।
सांसद ने कहा, “एक तमिल होने के नाते पलानीसामी को कहना चाहिए था कि केंद्र और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शोध रिपोर्ट स्वीकार करनी चाहिए। पलानीसामी सोचते हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया जाएगा। जरा सोचिए नीतीश कुमार का क्या हुआ। जो मुख्यमंत्री बनने लायक थे, वह राज्यसभा में बैठे हैं।”
कनिमोई, नीतीश कुमार के बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर संसद के उच्च सदन में जाने के फैसले का जिक्र कर रही थीं।
उन्होंने अन्नाद्रमुक प्रमुख का मजाक उड़ाते हुए कहा, “अगर आपका कोई पसंदीदा राज्य है, तो अमित शाह को बता दीजिए। वो आपको वहीं का राज्यपाल बनाकर भेजेंगे।”
सांसद ने कहा कि भाजपा के अन्य सहयोगियों का जो हाल हुआ है, वो ‘सबको पता है’।
लोकसभा सदस्य ने कहा, “मुझे चिंता है, तमिलनाडु को एक विपक्षी दल की जरूरत है, है ना? हम लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। आपको (अन्नाद्रमुक) कम से कम विपक्ष में तो होना चाहिए और मैं यह चिंता जताते हुए कह रही हूं। कृपया अपना ध्यान रखें।”
उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ द्रमुक और मुख्यमंत्री स्टालिन की जीत ‘तय’ है।
भाषा जितेंद्र नरेश
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