अरुणाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने पनबिजली रियायतें, भर्ती एवं शासन सुधारों को मंजूरी दी

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अरुणाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने पनबिजली रियायतें, भर्ती एवं शासन सुधारों को मंजूरी दी

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  • Publish Date - January 31, 2026 / 07:59 PM IST,
    Updated On - January 31, 2026 / 07:59 PM IST

ईटानगर, 31 जनवरी (भाषा) अरुणाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य में संस्थानों को मजबूत करने, पारदर्शिता में सुधार लाने और समावेशी विकास को गति देने के उद्देश्य से जलविद्युत विकास, भर्ती सुधार, कारोबार सुगमता, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल शासन से संबंधित कई निर्णयों को मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक शुक्रवार को दिबांग घाटी जिले के अनिनी में हुई।

भर्ती प्रशासन में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए, मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन (संशोधन) अध्यादेश, 2025 के स्थान पर एक विधेयक को मंजूरी दी, ताकि सेवारत अधिकारियों के साथ-साथ सेवानिवृत्त अधिकारी को भी अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (एपीएसएसबी) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया जा सके।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान में कहा गया है कि यह कदम बार-बार होने वाले तबादलों के कारण उत्पन्न होने वाली बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

भर्ती प्रक्रियाओं में जनविश्वास बहाल करने के लिए, मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) की प्रक्रियाओं को मजबूत और सुव्यवस्थित करने के लिए एक सदस्यीय जांच आयोग द्वारा अनुशंसित सुधारात्मक उपायों को मंजूरी दे दी, ताकि निष्पक्ष, पारदर्शी और कुशल चयन सुनिश्चित हो सके।

जलविद्युत परियोजनाओं की व्यवहार्यता को बढ़ावा देने के लिए, मंत्रिमंडल ने अंजॉ जिले में 1,200 मेगावाट की कलाई द्वितीय जलविद्युत परियोजना और दिबांग घाटी में 680 मेगावाट की अट्टुनली परियोजना के लिए रियायतों को मंजूरी दी।

बयान में कहा गया है कि राज्य सूचना आयोग से संबंधित अप्रचलित राज्य नियमों को संशोधित राष्ट्रीय आरटीआई प्रावधानों के अनुरूप निरस्त कर दिया गया है।

भाषा

राजकुमार सुभाष

सुभाष