अरुणाचल प्रदेश : अचानक आई बाढ़ में बहे चार लोगों की तलाश तेज की गई

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अरुणाचल प्रदेश : अचानक आई बाढ़ में बहे चार लोगों की तलाश तेज की गई

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  • Publish Date - June 26, 2026 / 05:07 PM IST,
    Updated On - June 26, 2026 / 05:07 PM IST

ईटानगर, 26 जून (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के केयी पन्योर जिले में अचानक आई बाढ़ में बहे चार लोगों की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को लगातार बारिश की वजह से आई अचानक बाढ़ में नार्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (नीपको) कॉलोनी से बहे लोगों का पता लगाने के लिए बचाव दलों ने शुक्रवार सुबह पन्योर लोअर जल विद्युत परियोजना के बांध की तरफ से नौका की मदद से अभियान शुरू किया। बुधवार को आई प्राकृतिक आपदा के बाद 35 वर्षीय एक महिला का शव मिला था, जबकि 17 अन्य लोग घायल हो गए थे।

राज्य के आपदा प्रबंधन सचिव दानी सुलू ने बताया कि शुक्रवार सुबह 7:30 बजे दोबारा तलाशी अभियान की शुरुआत की और इसमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), जिला पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक शामिल हैं।

`इस बीच, बृहस्पतिवार शाम को केयी पन्योर वेलकम गेट के पास पत्थर तोड़ने वाले संयंत्र के पास भूस्खलन होने से घायल चार मज़दूरों को आपातकालीन इलाज मुहैया करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें वहां से निकालने के लिए पापुम पारे ज़िले की एक चिकित्सा टीम और एनडीआरएफ की बचाव टीम तैनात की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के समय मजदूर अपने शिविरों में सो रहे थे। उनमें से कुछ मलबे के नीचे आंशिक रूप से दब गए थे और आपातकालीन बचाव दल के वहां पहुंचने से पहले ही उनके साथियों ने उन्हें बचा लिया।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घायल लोगों की हड्डी टूट गई है और सिर में चोटें आई हैं, जबकि एक कर्मचारी सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद गंभीर हालत में है।

अधिकारियों ने बताया कि इलाके में मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण बचाव कार्यों में बाधा आ रही है। घटना स्थल से अधिकारियों तक जानकारी रुक-रुक कर ही पहुंच पा रही है, क्योंकि लोग नेटवर्क कवरेज वाली जगहों पर जाकर ही सूचना दे पा रहे हैं।

जिला प्रशासन के आकलन के मुताबिक केयी पन्योर की तरफ से उस जगह तक पहुंचना मुमकिन नहीं है, क्योंकि सबसे नजदीकी वाहन लेने जाने वाली जगह लगभग 12 किलोमीटर दूर है और भूस्खलन से प्रभावित इलाके में पहुंचने के लिए पैदल जाना पड़ेगा।

पापुम पारे जिले में होज की तरफ वाला रास्ता, जिसमें लगभग 5 किलोमीटर की पैदल यात्रा शामिल है, घटनास्थ्ल पर पहुंचने का अधिक सुलभ रास्ता है।

अधिकारियों ने बताया कि इस आकलन के बाद पापुम पारे ज़िला प्रशासन ने ज़रूरी दवाओं और आपातकालीन चिकित्सा उपकरणों के साथ एक चिकित्सा टीम रवाना की है।

उन्होंने बताया कि घायल मजदूरों में से एक की हालत बिगड़ने पर एनडीआरएफ की 12वीं बटालियन से भी मदद मांगी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि दोनों दल ईटानगर से रवाना हो गए हैं और वे होज में मिलेंगे जिसके बाद उन्हें गाड़ी से पहुंचने लायक आखिरी जगह से घटना वाली जगह तक पैदल जाना होगा।

इस बीच, केयी पन्योर और पापुम पारे ज़िलों में सड़क संपर्क बहाल करने का काम चल रहा है।

बुधवार सुबह केयी पन्योर ज़िले के पूसा में नीपको कॉलोनी इलाके में अचानक आई बाढ़ से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए, सड़क संपर्क बाधित हुआ और कई जगहों पर भूस्खलन हुआ।

शुरुआती आकलन के अनुसार, बाढ़ की वजह से नीपको कॉलोनी में लगभग 30 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए या बह गए, जबकि पोसा और पिटापूल इलाकों में 10 घर पूरी तरह से और 14 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। जिले में कुल 128 परिवार प्रभावित हुए हैं।

नीपको परिसर में राहत शिविर स्थापित किया गया है जहां अभी 60 लोग शरण लिए हुए हैं।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताया और प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से पूरी मदद का भरोसा दिलाया।

भाषा धीरज नरेश

नरेश