एशियाई शेरों की संख्या एक दशक में 523 से बढ़कर 891 हुई : भूपेंद्र यादव

एशियाई शेरों की संख्या एक दशक में 523 से बढ़कर 891 हुई : भूपेंद्र यादव

एशियाई शेरों की संख्या एक दशक में 523 से बढ़कर 891 हुई : भूपेंद्र यादव
Modified Date: August 10, 2026 / 03:49 pm IST
Published Date: August 10, 2026 3:49 pm IST

नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) भारत में एशियाई शेरों की संख्या 2015 में 523 से बढ़कर 2025 में 891 हो गई। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को यह जानकारी दी।

मंत्री ने ‘विश्व शेर दिवस-2026’ के अवसर पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में कहा कि एशियाई शेरों के संरक्षण में मिली सफलता, वन्यजीवों और जैव-विविधता के प्रति देश की प्रतिबद्धता को गौरवान्वित करने वाला है।

यादव ने कहा, ‘‘महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा से लेकर संरक्षण के प्रयासों को मज़बूत करने तक, भारत ने यह दिखाया है कि विकास और प्रकृति संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व शेर दिवस के मौके पर, आइए हम अपनी प्राकृतिक विरासत की रक्षा करने का संकल्प दोहराएं और यह सुनिश्चित करें कि एशियाई शेर की दहाड़ आने वाली पीढ़ियों तक गूंजती रहे।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शेरों के दीर्घकालिक संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए 15 अगस्त, 2020 को ‘प्रोजेक्ट लायन’ की घोषणा की थी।

भारत में शेरों के संरक्षण का कुल क्षेत्रफल 2020 में लगभग 30,000 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर लगभग 35,000 वर्ग किलोमीटर हो गया है।

भाषा

धीरज नरेश

नरेश


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