गुवाहाटी, तीन अगस्त (भाषा) असम सरकार ने इस वर्ष की बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित 75 हजार से अधिक परिवारों के लिए लगभग 160 करोड़ रुपये की अंतरिम राहत की पहली किस्त सोमवार को जारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। रविवार को तीन और लोगों की मौत की पुष्टि हुई जबकि बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या घटकर लगभग 1.36 लाख रह गई है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ऊपरी असम के सर्वाधिक प्रभावित जिलों के दौरे पर हैं। उन्होंने डिब्रूगढ़ से अंतरिम राहत की पहली किस्त जारी की।
अधिकारियों के अनुसार, शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में जिन लगभग 75,000 परिवारों के मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें 15,000 रुपये प्रति परिवार की अंतरिम सहायता दी गई है।
बाढ़ प्रभावित पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत राज्य सरकार की सब्सिडी भी जारी की गई।
मुख्यमंत्री ने इससे पहले सर्वाधिक प्रभावित जिलों के लिए कई अंतरिम राहत उपायों की घोषणा की थी। इन पर होने वाला खर्च मुख्यमंत्री राहत कोष में प्राप्त दान की राशि से वहन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘असम बाढ़ से प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में लगभग 160 करोड़ रुपये सीधे जमा कर दिए गए हैं। आज सुबह मैंने चार जिलों के लगभग 75,000 सबसे अधिक प्रभावित परिवारों को वादा की गई 15,000 रुपये की अंतरिम सहायता हस्तांतरित की। साथ ही पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत राज्य सरकार की सब्सिडी भी जारी की गई है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के हाथों में तत्काल नकदी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है, ताकि अंतिम मुआवजे का व्यापक आकलन होने से पहले ही वे अपने जीवन को दोबारा पटरी पर लाने का काम शुरू कर सकें।
शर्मा ने कहा, ‘‘शिवसागर और चराइदेव के गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को 10,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता की अगली किस्त अगले कुछ दिनों में जारी की जाएगी। कठिनाइयां झेलने वाले परिवारों के साथ हमारी सरकार मजबूती से खड़ी है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को नकद सहायता उपलब्ध कराने के लिए ‘बहुआयामी दृष्टिकोण’ अपनाए हुए है
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत राज्य की सब्सिडी जारी कर हमने असम बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद का एक और माध्यम अपनाया है।’’
इसके बाद शर्मा ने शिवसागर जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया, राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की और प्रभावित लोगों से मुलाकात भी की।
चराइदेव, धेमाजी, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर जिलों में कुल 1,36,200 लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। शनिवार को इन पांच जिलों में लगभग 1.80 लाख लोग बाढ़ की चपेट में थे।
शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित जिला बना हुआ है, जहां 55,000 से अधिक लोग प्रभावित हैं। इसके बाद चराइदेव में लगभग 40,000 और जोरहाट में करीब 22,000 लोग प्रभावित हैं।
प्रशासन पांचों जिलों में कुल 54 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है जहां वर्तमान में 13,771 लोगों को आश्रय और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रभावित जिलों में 15,422 हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी जलमग्न है। अधिकारियों ने बताया कि गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
भाषा शोभना नरेश
नरेश