असम में बाढ़ प्रभावित लोगों को मोहलत देने के लिए बीमा कंपनियों और एनबीएफसी से संपर्क करेगी सरकार

असम में बाढ़ प्रभावित लोगों को मोहलत देने के लिए बीमा कंपनियों और एनबीएफसी से संपर्क करेगी सरकार

असम में बाढ़ प्रभावित लोगों को मोहलत देने के लिए बीमा कंपनियों और एनबीएफसी से संपर्क करेगी सरकार
Modified Date: July 31, 2026 / 06:41 pm IST
Published Date: July 31, 2026 6:41 pm IST

गुवाहाटी, 31 जुलाई (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने इस साल बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित चार जिलों के अपने ग्राहकों को छूट प्रदान करने के लिए तथा दावों के शीघ्र निपटान के लिए बीमा कंपनियों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से संपर्क करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि घरों, पशुओं आदि को हुए नुकसान का आकलन जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है और सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि मरम्मत के लिए धन जल्द से जल्द वितरित किया जाए।

यह घोषणा मुख्यमंत्री के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि चार जिलों में सभी बाढ़ प्रभावित लोगों को ऋण चुकाने के लिए छह महीने की मोहलत दी जाएगी।

राज्य में बाढ़ से अब तक कम से कम 80 लोगों की मौत हो चुकी है और 2 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। चार जिले – शिवसागर, चारियादेव, जोरहाट और गोलाघाट – सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

यहां कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा, ‘‘हमने इस महत्वपूर्ण समय में लोगों को और अधिक राहत कैसे प्रदान की जाए, इस पर विस्तार से चर्चा की।’’

उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को निजी और सरकारी दोनों बीमा कंपनियों के साथ एक बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया ताकि उनसे बीमित क्षतिग्रस्त वाहनों, पशुधन आदि के दावों का शीघ्र निपटान करने का आग्रह किया जा सके।

उन्होंने कहा, ‘‘शिवसागर, चारियादेव, जोरहाट और गोलाघाट के चार जिलों के लिए, हम उनसे अनुरोध करेंगे कि वे स्वयं दावे एकत्र करें और उन्हें जल्द से जल्द निपटाएं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन चार जिलों के कर्जदारों को मोहलत देने और ऐसे लाभ देने के अनुरोध के साथ 5 अगस्त को एनबीएफसी के साथ भी बैठक करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह बैंकों ने कल उनके साथ हमारी बैठक के बाद ऋण पर छह महीने की मोहलत या ऋण चुकाने की अवधि बढ़ा दी है, हम एनबीएफसी से भी इसी तरह का लाभ प्रदान करने का आग्रह करेंगे।’’

शर्मा ने कहा कि सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में मकानों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और एक या दो दिन के भीतर पूरा होने की उम्मीद है, ताकि अंतरिम राहत के रूप में प्रति परिवार 15,000 रुपये का वितरण अगस्त में ही किया जा सके।

भाषा वैभव पवनेश

पवनेश


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