असम में 49.98 प्रतिशत महिला मतदाता, लेकिन उम्मीदवारों में कुल 8.17 हिस्सेदारी

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असम में 49.98 प्रतिशत महिला मतदाता, लेकिन उम्मीदवारों में कुल 8.17 हिस्सेदारी

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  • Publish Date - April 7, 2026 / 04:40 PM IST,
    Updated On - April 7, 2026 / 04:40 PM IST

(दूर्बा घोष)

गुवाहाटी, सात अप्रैल (भाषा) असम की मतदाता सूचियों में महिलाओं की संख्या पुरुषों के लगभग बराबर है और 35 में से 16 ज़िलों में उनकी संख्या पुरुषों से ज़्यादा है, लेकिन 126 सदस्यीय राज्य विधानसभा चुनाव में उतरे 722 उम्मीदवारों में उनकी संख्या सिर्फ़ 59 है।

राज्य में चुनाव प्रचार के लिए आयोजित रैलियों और सभाओं में पुरुषों से ज़्यादा महिलाओं की उपस्थिति देखी जा रही है।

कार्यकर्ता बताते हैं कि महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनीतिक दलों ने बहुत सारे वादे किए हैं, लेकिन जब उन्हें टिकट देने की बात आती है, तो ज़्यादातर पार्टियां नाम मात्र का प्रतिनिधित्व देकर पीछे हट जाती हैं।

असम की मतदाता सूचियों में महिलाओं की संख्या 49.98 प्रतिशत है, लेकिन 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव में हिस्सा लेने वाले कुल उम्मीदवारों में उनकी संख्या सिर्फ़ 8.17 प्रतिशत है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि 2021 के असम विधानसभा चुनाव में 74 महिला उम्मीदवार मैदान में थीं, लेकिन इस बार यह संख्या घटकर 59 रह गई है। असम के 35 में से 16 ज़िलों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज़्यादा है, लेकिन चुनाव में सिर्फ़ 59 महिला प्रत्याशी मैदान में हैं।

विपक्षी कांग्रेस ने सबसे ज़्यादा 14 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं, उसके बाद सत्तारूढ़ भाजपा ने सात, जबकि राजग में उसके सहयोगी बोडो पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने एक प्रत्याशी को उतारा है। क्षेत्रीय पार्टी अगप में एक भी महिला प्रत्याशी नहीं है।

एआईयूडीएफ ने दो महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जबकि यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल), रायजोर दल और असम जातीय परिषद (एजेपी) ने एक-एक प्रत्याशी को मैदान में उतारा है, और बाकी निर्दलीय हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी रैलियों में कहा है कि 2029 के लोकसभा चुनावों से महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाएगा। उन्होंने महिलाओं का आह्वान कहा कि वे सभी पार्टियों को 16 अप्रैल से संसद के विशेष सत्र में विधेयक पर चर्चा के लिए आम सहमति बनाने के लिए मनाएं।

भाषा वैभव अविनाश

अविनाश