ब्रिटिश सिख सांसदों ने कृपाण रखने के सिखों के अधिकार का बचाव किया

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ब्रिटिश सिख सांसदों ने कृपाण रखने के सिखों के अधिकार का बचाव किया

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 10:14 PM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 10:14 PM IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, दो जून (भाषा) ब्रिटेन के सिख सांसदों ने एक ब्रिटिश सिख व्यक्ति की सजा पर मंगलवार को संसद में बहस के दौरान कृपाण का बचाव किया। सजायाफ्ता व्यक्ति ने हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए कृपाण को अदालत में सुनवाई के दौरान धार्मिक वस्तु बताया था।

विक्रम डिगवा (23) को 18 वर्षीय हेनरी नोवाक की हत्या का दोषी पाए जाने के बाद सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

पिछले वर्ष दिसंबर में साउथैम्पटन में हुई इस घटना के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। इसके चलते ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में बयान देते हुए दोहराया कि किसी एक व्यक्ति के “जघन्य अपराध” के लिए पूरे सिख समुदाय को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।

महमूद ने कहा, “ कृपाण रखने के सिखों के अधिकार को सीमित करने की मांगें उठी हैं। कृपाण उनके धर्म की पांच पवित्र वस्तुओं में से एक है।”

उन्होंने कुछ दक्षिणपंथी समूहों द्वारा कृपाण पर प्रतिबंध लगाने की मांग का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, ‘हम इस देश में सामूहिक दंड में विश्वास नहीं करते। इसके बजाय, हम विशुद्ध रूप से दुष्ट और जघन्य कृत्य के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हैं। हम इस घिनौने अपराध को अंजाम देने वालों की निंदा करते हैं, न कि धर्म या जातीय पृष्ठभूमि से संबंध रखने वाले सभी लोगों की।”

ब्रिटेन के सिख सांसदों ने ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में हुई तीखी बहस के दौरान हस्तक्षेप किया। लेबर पार्टी के सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने रिफॉर्म यूके और रिस्टोर ब्रिटेन पर एक हत्यारे की हरकत के आधार पर पूरे सिख समुदाय को बलि का बकरा बनाने और बदनाम करने का आरोप लगाया।

ढेसी ने कहा, ‘सबसे अधिक खेदजनक बात यह है कि रिफॉर्म, रिस्टोर और दक्षिणपंथी समूहों ने लोगों के दर्द को राजनीतिक मुद्दा बना दिया। उन्होंने कृपाण धारण करने को लेकर सिख समुदाय पर हमला किया और उस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की, जबकि इस हिंसक हमले में कृपाण का इस्तेमाल ही नहीं किया गया था।’

लेबर पार्टी के एक और सांसद गुरिंदर सिंह जोसन ने नोवाक की हत्या पर “गहरा शोक” व्यक्त किया तथा इस घटना के प्रभावों पर चर्चा के लिए गृह मंत्री के साथ बैठक की मांग की।

उन्होंने कहा, “इन कृत्यों से धर्म का कोई लेना-देना नहीं है। पूरे सिख समुदाय का ऐसा ही मानना है। इस घटना के कारण मेरे निर्वाचन क्षेत्र के सिख और गैर-सिख दोनों समुदायों के लोगों के बीच कई चिंताएं पैदा हुई हैं।”

भाषा जोहेब माधव

माधव