अमेरिका के कुछ उपकरणों पर शुल्क में कटौती की घोषणा से भारत को सीमित लाभ: जीटीआरआई

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अमेरिका के कुछ उपकरणों पर शुल्क में कटौती की घोषणा से भारत को सीमित लाभ: जीटीआरआई

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 10:22 PM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 10:22 PM IST

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) अमेरिकी प्रशासन के स्टील, एल्युमीनियम या तांबे से युक्त चुनिंदा औद्योगिक और कृषि उपकरणों पर शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा से भारत को सीमित लाभ मिलेगा। शोध संस्थान जीटीआरआई ने मंगलवार को यह कहा।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि इंजीनियरिंग सामान, एचवीएसी उपकरण, विद्युत उपकरण और कृषि मशीनरी के निर्यातकों को 15 प्रतिशत की घटी हुई दर से लाभ हो सकता है। कुछ विनिर्माता अमेरिकी मूल की धातुओं का उपयोग करके संभावित रूप से नई 10 प्रतिशत दर के लिए पात्र हो सकते हैं, लेकिन कुल मिलाकर इसका प्रभाव मामूली रहने की संभावना है।

घटी हुई दर आठ जून, 2026 से 31 दिसंबर, 2027 तक लागू रहेगी।

इसमें शामिल उत्पादों में हीटिंग और एयर कंडीशनिंग उपकरण, बुलडोजर, फोर्कलिफ्ट, हार्वेस्टर, कृषि मशीनरी और कुछ विद्युत ग्रिड उपकरण शामिल हैं।

इसमें कहा गया है कि आयातित उत्पादों के लिए एक नई 10 प्रतिशत शुल्क श्रेणी शुरू की गई है, जो कम से कम 85 प्रतिशत अमेरिकी स्टील, एल्युमीनियम या तांबे से विनिर्मित हैं।

जीटीआरआई ने यह भी बताया कि जिन उत्पादों में वजन के हिसाब से 15 प्रतिशत या उससे कम स्टील, एल्युमीनियम या तांबा होता है, वे धारा 232 के तहत लगने वाले शुल्क से मुक्त रहेंगे।

हालांकि, मुख्य धातुओं पर लगने वाले शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आयातित अधिकांश स्टील, एल्युमीनियम और तांबे के उत्पादों पर 50 प्रतिशत शुल्क लगता रहेगा, जबकि इन धातुओं से बने कई अन्य उत्पादों पर 25 प्रतिशत शुल्क लागू रहेगा।

भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में अमेरिका से लगभग 2.9 अरब डॉलर मूल्य के स्टील, एल्युमीनियम, तांबा और संबंधित उत्पादों का आयात किया। इससे भारतीय विनिर्माताओं को अमेरिकी कच्चे माल का उपयोग करने और तैयार उत्पादों को वापस अमेरिका निर्यात करते समय कम शुल्क का लाभ उठाने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, मूल मुद्दा बना हुआ है। स्टील, एल्युमीनियम और तांबे के उत्पादों के भारतीय निर्यात पर धारा 232 के तहत लगने वाला 50 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क लागू रहेगा, जबकि कई अन्य धातु उत्पादों पर 25 प्रतिशत शुल्क लागू रहेगा।’’

भाषा रमण अजय

अजय