भारत में एटीएफ की आपूर्ति अगले 60 दिन तक निर्बाध: नागरिक उड्डयन मंत्री

भारत में एटीएफ की आपूर्ति अगले 60 दिन तक निर्बाध: नागरिक उड्डयन मंत्री

भारत में एटीएफ की आपूर्ति अगले 60 दिन तक निर्बाध: नागरिक उड्डयन मंत्री
Modified Date: March 30, 2026 / 04:59 pm IST
Published Date: March 30, 2026 4:59 pm IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किन्जारापु राममोहन नायडू ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि देश में अगले 60 दिनों तक बिना किसी रुकावट के ‘एविएशन टर्बाइन फ्यूल’ (एटीएफ) की पर्याप्त आपूर्ति की व्यवस्था है।

नायडू राज्यसभा में यह जानकारी पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण तेल संकट के बीच पूछे गए पूरक प्रश्न के उत्तर में दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘इस समय हमारे देश में एटीएफ(विमान ईंधन) की पर्याप्त आपूर्ति है। सामान्य प्रक्रिया के अनुसार एटीएफ का लगभग आधा उत्पादन घरेलू खपत के लिए और आधा निर्यात के लिए होता है।’’

उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्पादन या आपूर्ति में किसी प्रकार की समस्या की संभावना नहीं है।

सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि मंत्रालय ने एयरलाइनों के ऑडिट की संख्या बढ़ा दी है। उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए हम नियमित रूप से कई बार निरीक्षण कर रहे हैं।’’

आपातकालीन लैंडिंग सुविधाओं के संबंध में नायडू ने बताया कि आपातकालीन या प्राथमिक लैंडिंग का निर्णय विमान की सुरक्षा के आधार पर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि लैंडिंग का तरीका तय करने से पहले सुरक्षा नियमों का पालन आवश्यक है, और यह विमान के प्रकार, मौसम की स्थिति और अन्य कारकों पर निर्भर करता है।

एयर इंडिया विमान दुर्घटना के बाद ईंधन नियंत्रण स्विच के ‘लॉकिंग मैकेनिज्म’ की जांच पर पूछे गए सवाल के लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि जुलाई 2025 में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सभी ऑपरेटरों को आदेश दिया था कि वे देश में बोइंग विमान फ्लीट पर संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) द्वारा जारी विशेष ‘उड़ान योग्यता सूचना बुलेटिन’ (एसएआईबी) एनएम-18-33 के अनुसार लॉकिंग मैकेनिज्म की जांच करें।

नायडू ने कहा, ‘‘एयरलाइन परिचालकों ने आवश्यक निरीक्षण कर लिया है और सभी विमानों को संचालन के लिए सुरक्षित पाया गया है।’’

मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार और मंत्रालय दोनों ही विमानन सुरक्षा और ईंधन आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

भाषा मनीषा माधव

माधव


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