नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बृहस्पतिवार को मांग की कि रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तुरंत सार्वजनिक की जाए।
आरएसएस से जुड़ी इस संस्था ने इस बात की भी जांच कराने की मांग की कि क्या यह घटना कांग्रेस की ‘आरएसएस-विरोधी भावना’ से प्रेरित थी?
विहिप की यह मांग बुधवार तड़के झारखंड की राजधानी में आरएसएस कार्यालय पर कथित तौर पर पेट्रोल बम फेंकने के आरोप में पुलिस द्वारा दो लोगों को गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद आई है।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक बयान में कहा, ‘‘रांची में संघ कार्यालय पर हमले के 36 घंटे बाद भी रांची पुलिस आरोपियों की पहचान उजागर करने से क्यों बच रही है?’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘मीडिया में आरोपियों की गिरफ्तारी की खबरें आ रही हैं, लेकिन रांची प्रशासन उनके नाम सार्वजनिक क्यों नहीं कर सकता?’’
बंसल ने कहा कि दोषियों की पहचान करना और उन्हें कड़ी सजा दिलाना जरूरी है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि क्या यह घटना किसी भी तरह से कांग्रेस की आरएसएस-विरोधी भावना से प्रेरित है?’’
विहिप नेता ने कहा कि रांची में आरएसएस के प्रांतीय कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया जाना ‘बेहद चिंताजनक और निंदनीय’ कृत्य है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस घटना के पीछे की साजिश रचने वाले लोगों के संबंधों और वे किसके कहने या निर्देश पर यह हमला करने आए थे, इसका तुरंत खुलासा होना चाहिए।’’
पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि बुधवार तड़के रांची के निवारणपुर इलाके में स्थित आरएसएस के कार्यालय पर कथित तौर पर पेट्रोल बम फेंकने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों को बुधवार देर रात लोहरदगा जिले से पकड़ा गया और अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई एक कार को जब्त कर लिया गया।
भाषा संतोष नरेश
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