धन शोधन मामला: आरकॉम के पूर्व अधिकारी गौतम दोशी को एक जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

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धन शोधन मामला: आरकॉम के पूर्व अधिकारी गौतम दोशी को एक जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

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  • Publish Date - June 18, 2026 / 05:38 PM IST,
    Updated On - June 18, 2026 / 05:38 PM IST

नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी गौतम भाईलाल दोशी को करीब 40,000 करोड़ रुपये की ऋण निधि की कथित हेराफेरी से जुड़े धन शोधन मामले में एक जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अवकाशकालीन न्यायाधीश राजेश मलिक ने दोशी की पांच दिन की ईडी हिरासत समाप्त होने पर पेश किये जाने पर जेल भेज दिया। इससे पहले, अदालत ने दोशी को 13 जून को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पांच दिन की हिरासत में भेजा था।

आरकॉम के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी दोशी को ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जारी जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद ईडी उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई से दिल्ली लाई थी।

ईडी के अनुसार, उसकी जांच में पता चला कि ऋण का पैसा रिलायंस एडीए समूह की कंपनियों से विदेशी कंपनियों और विदेशी बैंक खातों में भेजा गया।

एजेंसी के अनुसार, बैंकों से लिये गए ऋण का इस्तेमाल कथित तौर पर उन कार्यों के लिए नहीं किया गया जिनके लिए वे लिए गए थे, बल्कि उन्हें म्यूचुअल फंड में निवेश कर दिया गया और समूह की कंपनियों को अंतरित कर दिया गया।

ईडी ने अदालत को बताया था कि दोशी, रिलायंस एडीए समूह में काफी अधिकार रखने वाले पद पर थे और समूह के वित्तीय, कॉर्पोरेट और विदेशी कामकाज से करीबी रूप से जुड़े हुए थे।

एजेंसी का आरोप है कि रिलायंस एडीए समूह के समूह प्रबंध निदेशक रहने दौरान वह रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के निदेशक रहे और कंपनी की ऑडिट कमेटी के सदस्य भी रहे।

ईडी 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण की रकम की कथित हेराफेरी के मामले की जांच कर रही है।

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश