अगरतला, नौ अगस्त (भाषा) त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी ने रविवार को कहा कि ‘पश्चिम बंगाल या बिहार’ की तर्ज पर राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग ने घोषणा की है कि त्रिपुरा में पांच सितंबर से एसआईआर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
चौधरी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करे कि अंतिम मतदाता सूची में कोई भी वैध मतदाता छूट न जाए। राज्य में पहले भी एसआईआर प्रक्रिया हुई थी, लेकिन उस तरह से नहीं, जिस तरह निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल और बिहार में यह प्रक्रिया चलाई थी।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा शुरू किए गए ‘एसआईआर के नए तरीके’ का मकसद मतदाता सूची को ठीक करना नहीं, बल्कि भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए योग्य मतदाताओं को सूची से बाहर करना है।
माकपा प्रदेश सचिव चौधरी ने लोगों से इस प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा-आईपीएफटी-टिपरा मोथा गठबंधन की ‘डूबती नाव’ को बचाने के लिए इस पुनरीक्षण का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘ पार्टी (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट) चाहती है कि अंतिम मतदाता सूची में किसी भी सही मतदाता का नाम न छूटे और पश्चिम बंगाल और बिहार में जो हुआ, उसे दोहराने की किसी भी कोशिश का लोगों की मदद से विरोध किया जाएगा।’’
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश