भुवनेश्वर, आठ अगस्त (भाषा) वरिष्ठ भाजपा नेता और संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान ‘जेन जी’ को ‘‘गुमराह’’ करने की कोशिशें की गईं, जिसके बाद उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
प्रधान ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ने के दो सप्ताह बाद, यहां जीएम विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे पर पहली बार प्रतिक्रिया दी।
प्रधान ने कहा, ‘‘जेन जी हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। पिछले 10 वर्षों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं। उनकी अपनी आकांक्षाएं हैं और वे भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाएंगे। मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था।’’
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी।
प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
भाषा तान्या शफीक
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