फारूक अब्दुल्ला ने दिल्ली-श्रीनगर संबंधों को फिर बेहतर करने, राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की

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फारूक अब्दुल्ला ने दिल्ली-श्रीनगर संबंधों को फिर बेहतर करने, राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की

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  • Publish Date - August 9, 2026 / 12:33 AM IST,
    Updated On - August 9, 2026 / 12:33 AM IST

श्रीनगर, आठ अगस्त (भाषा) नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को केंद्र से जम्मू-कश्मीर के साथ अपने संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक सिद्धांतों और संवैधानिक गारंटी पर आधारित होना चाहिए।

अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करना इस दिशा में पहला और जरूरी कदम होना चाहिए।

उन्होंने नयी दिल्ली और श्रीनगर के बीच संबंधों में ‘‘निर्णायक बदलाव’’ की मांग की।

उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा सरकार के पास जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर एक ऐतिहासिक कदम उठाने का अवसर है, जिससे विश्वास बहाली, मेल-मिलाप और भरोसे के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सके। राज्य का दर्जा बहाल करना अधिकारों की बहाली, न्याय, सम्मान और आपसी आदर की व्यापक प्रक्रिया की शुरुआत होनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर के लोग इससे कम कुछ भी पाने के हकदार नहीं हैं।’’

अब्दुल्ला ने नौ अगस्त, 1953 की घटनाओं को, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की ‘असंवैधानिक’ गिरफ्तारी और पद से हटाए जाने को जम्मू-कश्मीर के इतिहास का ‘काला दिन’ बताया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने कहा कि एक कार्यरत प्रधानमंत्री की ‘अवैध और असंवैधानिक गिरफ्तारी’ ने जम्मू-कश्मीर के लोगों की सामूहिक चेतना पर ‘गहरा और स्थायी घाव’ छोड़ा।

अब्दुल्ला ने दावा किया, ‘‘1953 के राजनीतिक तख्तापलट ने जम्मू-कश्मीर को दिए गए लोकतांत्रिक और संवैधानिक आश्वासनों पर लोगों का भरोसा तोड़ दिया और श्रीनगर तथा नयी दिल्ली के बीच गहरे अविश्वास की नींव रख दी। वह घाव आज भी नहीं भरा है।’’

भाषा तान्या नेत्रपाल शफीक

शफीक