जयपुर, तीन अगस्त (भाषा) राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने सोमवार को कहा कि “अंगदान” मानवता के लिए अपने आपको समर्पण करने से जुड़ा महादान है और अंगदान की सबसे बड़ी बाधा मनुष्य के भीतर का डर है जिसे समाप्त करने और इस सम्बन्ध में लोगों को प्रेरित किए जाने की आवश्यकता है।
बागडे ने समाज में अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का आह्वान भी किया। राज्यपाल बागडे सोमवार को राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में ‘अंगदान’ जागरूकता कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश में किडनी का सफल प्रतिरोपण एक दिसम्बर 1971 को तमिलनाडु में हुआ। उन्होंने इतने वर्ष पहले अंग प्रतिरोपण होने के बावजूद अंगदान के प्रति जागरूकता नहीं होने पर चिंता जताई और कहा कि अंगदान दिवस मनाने की बजाय इसे एक आंदोलन मानकर क्रियान्वित किया जाए।
राज्यपाल ने अंगदान के साथ स्वास्थ्य जागरूकता के लिए भी अभियान चलाने पर जोर दिया। राज्यपाल ने उन सभी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने अपना अंग दान करके दूसरों को नया जीवन दिया है।
उन्होंने सभी को अंगदान की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में हर वर्ष लाखों लोग विभिन्न अंगों की आवश्यकता के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। किडनी, लिवर, हृदय और फेफड़ों की मांग आज भी सर्वाधिक है। लेकिन उपलब्धता बहुत कम है। इस दृष्टि से अंगदान का यह महत्व समझाया जाना जरूरी है कि इससे हम किसी अन्य व्यक्ति की जिंदगी में नई उम्मीदों का सवेरा ला सकते हैं।’’
राज्यपाल ने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख लोग अंग प्रतिरोपण नहीं होने से अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे यहां अंग प्रतिरोपण करने की सुविधाएं अच्छी हैं लेकिन यहां अंगदान करने वालों की संख्या अभी भी बहुत ही कम है।’’
उन्होंने अंगदान की प्रेरणा के साथ—साथ अंगदान से जुड़ी सेवाओं का भी प्रदेश में विस्तार करने और सभी अस्पतालों में अंग प्रतिरोपण संबंधी उपकरणों की व्यवस्था प्रभावी रूप में किए जाने पर जोर दिया।
इससे पहले राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, जयपुर के कुलगुरु प्रो. प्रमोद येवले और राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने अंगदान के महत्व और आयोजन से जुड़े सरोकारों के बारे में जानकारी दी।
राज्यपाल ने अंगदान जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण प्रयास करने वाले चिकित्सकों और ‘अंगदान’ जागरूकता प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
भाषा बाकोलिया अमित
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