श्रद्धालु, अयोध्यावासी राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के नतीजों को लेकर उत्सुक

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श्रद्धालु, अयोध्यावासी राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के नतीजों को लेकर उत्सुक

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 03:51 PM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 03:51 PM IST

(चंदन कुमार)

अयोध्या, छह जुलाई (भाषा) अयोध्या में राम लला के प्रति भक्ति भाव के बीच श्रद्धालुओं और आम लोगों में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक के नतीजों को लेकर खासी उत्सुकता दिखी।

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से उपजे विवाद के बीच आयोजित इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल जाने के लिए श्रद्धालु और स्थानीय लोग सुबह से ही टेलीविजन और मोबाइल की स्क्रीन से चिपके नजर आए।

विभिन्न मंदिरों के पुजारी धीमी आवाज में घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखे, जबकि श्रद्धालु चाय की दुकानों के बाहर रुककर बैठक से जुड़ी जानकारी का इंतजार करते नजर आए। कई लोगों का मानना था कि इस बैठक के नतीजों से भक्तों का भरोसा बहाल हो सकेगा।

राम मंदिर के बाहर का माहौल काफी शांत था। जो लता मंगेशकर चौक आमतौर पर पर्यटकों से भरा रहता है, वहां सोमवार को बहुत कम लोग दिखाई दिए। राम पथ पर दोपहर की तेज धूप में तीर्थयात्रियों के छोटे-छोटे समूह चुपचाप आते-जाते नजर आए।

वहीं, पूजा सामग्री, प्रसाद, मिठाई और अन्य दुकानों पर इक्का-दुक्का श्रद्धालु ही दिखे। इलाके के होटल-रेस्तरां में भी सन्नाटा था।

हालांकि, दुकानदारों ने ग्राहकों की संख्या में आई इस कमी के लिए उमस भरी गर्मी को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि पिछले महीने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद से ही अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने लगी थी।

करोड़ों हिदुओं की श्रद्धा और आस्था के केंद्र राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों पर यकीन करना अयोध्या के बहुत से लोगों के लिए मुश्किल था।

राम पथ के पास स्थित एक दुकान के मालिक ने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि लोग भगवान राम के चरणों में चढ़ाए गए पैसे की चोरी कर सकते हैं। यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना है।”

उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

मध्यप्रदेश से आए श्रद्धालु वीरेंद्र कुमार ने कहा, “हमने पूजा-अर्चना के बाद दान देने की योजना बनाई थी। अब हम सोच रहे हैं कि यह पैसा किसी वृद्धाश्रम को दे दें। अगर मंदिर में दिया गया दान भी सुरक्षित नहीं है, तो इनसान को दोबारा सोचना पड़ता है।”

हालांकि, उन्होंने कहा कि भगवान राम में उनकी अटूट आस्था है।

बैरागी अखाड़े के पुजारी सोमेश्वर दास ने कहा, “सरकार ने गिरफ्तार आरोपियों से नकदी बरामद कर ली है, लेकिन ये सभी छोटे-मोटे लोग हैं। ट्रस्ट की बैठक में इस घोटाले के पीछे के बड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई का फैसला लिया जाना चाहिए।”

स्थानीय निवासी नितिन पांडे ने कहा, “भगवान राम सब कुछ देख रहे हैं। उनसे कुछ भी छिपा नहीं है। उनकी मर्जी से ही यह चोरी सामने आई है। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उन्हें उनकी करनी की सजा जरूर मिलेगी।”

दिन जैसे-जैसे दिन बीतता गया, वैसे-वैसे अयोध्या में हर जगह चर्चा का विषय ट्रस्ट की बैठक पर ही केंद्रित होता गया।

राम मंदिर चढ़ावा ‘चोरी’ मामले की पड़ताल के लिए 13 जून को गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 23 जून को राज्य सरकार को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज करके आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

हालांकि, इस मामले में चंपत राय, अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है।

भाषा

चंदन सलीम नरेश पारुल

पारुल