B.R. Gavai Interview: बेरोजगारों को ‘कॉकरोच’ कहे जाने वाले विवाद पर बोले पूर्व CJI बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत की टिप्पणी पर कहा-शब्द निकल जाते हैं, सोशल मीडिया को लेकर भी कही ये बात

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B.R. Gavai Interview: नई दिल्ली: पूर्व मुख्य न्यायाधीश B. R. Gavai ने एक इंटरव्यू में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों, न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और रिटायरमेंट के बाद जजों की राजनीति में एंट्री जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।

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  • Publish Date - May 29, 2026 / 03:05 PM IST,
    Updated On - May 29, 2026 / 03:18 PM IST

BR GAVAI/ image soruce: ani

HIGHLIGHTS
  • बीआर गवई ने दिया इंटरव्यू
  • ‘कॉकरोच’ टिप्पणी पर बोले पूर्व CJI
  • सोशल मीडिया पर उठाए सवाल

B.R. Gavai Interview: नई दिल्ली: पूर्व मुख्य न्यायाधीश B. R. Gavai ने एक इंटरव्यू में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों, न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और रिटायरमेंट के बाद जजों की राजनीति में एंट्री जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि सुप्रीम कोर्ट में बेरोजगारों को लेकर ‘कॉकरोच’ और ‘पैरासाइट’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को वह कैसे देखते हैं, तो उन्होंने कहा कि इस मामले को बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जज भी इंसान होते हैं और सुनवाई के दौरान कभी-कभी बिना किसी गलत मंशा के कुछ शब्द निकल जाते हैं।

पूरी बात जानिए

पूर्व CJI ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में कई बार किसी बयान या टिप्पणी को पूरे संदर्भ से हटाकर पेश किया जाता है, जिससे अनावश्यक विवाद खड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान दोनों हैं और लोगों को किसी भी बयान को समझने से पहले उसका पूरा संदर्भ देखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका पर लोगों का भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है और संस्थाओं को लेकर संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के सवाल पर बीआर गवई ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण रूप से कोई भी संस्था पूरी तरह भ्रष्टाचार से अछूती नहीं है, लेकिन अन्य क्षेत्रों की तुलना में न्यायपालिका में इसकी स्थिति काफी कम है। वहीं रिटायरमेंट के बाद जजों के राजनीति या सरकारी पदों पर जाने के मुद्दे पर उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने वर्ष 2019 में ही तय कर लिया था कि सेवानिवृत्ति के बाद कोई सरकारी पद स्वीकार नहीं करेंगे। उनके मुताबिक, जब किसी पद की उम्मीद नहीं होती तो कार्यकाल के दौरान फैसले लेते समय मन पर किसी तरह का दबाव भी नहीं रहता।

विस्तार से समझिए पूरा मामला

दरअसल, Cockroach Janata Party सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक नाम तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) नाम से शुरू हुआ यह नाम इंस्टाग्राम पर बड़ा राजनीतिक ट्रेंड (Cockroach Party Viral Trend) बन गया है। महज चार दिनों में इसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर लाखों लोग इससे जुड़ चुके हैं। (Cockroach Janata Party Instagram) इस अकाउंट ने 90 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लिए और फॉलोअर्स के मामले में इसने भाजपा के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट को भी पीछे छोड़ दिया।

कैसे हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का जन्म?

Cockroach Janata Party News यह ट्रेंड उस वक्त शुरू हुआ, जब चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने पिछले हफ्ते एक मामले की सुनवाई के दौरान कॉकरोच का जिक्र किया। बता दें कि यह अभियान 16 मई से शुरू हुआ ​था। दरअसल, इसकी शुरुआत सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई से हुई है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने ​एक टिप्पणी की थी। उन्होंने 15 मई 2026 को फर्जी डिग्री से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान कथित तौर पर टिप्पणी की थी कि कुछ बेरोजगार लोग कॉकरोचों की तरह नकल करके लॉ, मीडिया और आरटीआई एक्टिविज्म जैसी प्रणाली में घुस जाते हैं। हालांकि बाद में कोर्ट की तरफ से सफाई दी गई कि यह टिप्पणी आम बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं बल्कि फर्जी डिग्री वालों के लिए थी, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर आक्रोश भड़क चुका था।

इंस्टाग्राम पर बढ़ते गई लोकप्रियता

शुरुआत में यह अभियान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मजाकिया अंदाज में शुरू हुआ, लेकिन देखते ही देखते यह वायरल हो गया। इसके अगले ही दिन इंस्टाग्राम अकाउंट लॉन्च किया गया और उसके बाद इंस्टाग्राम पर फॉलोवर्स बढ़ते ही गए, जो अब तक 90 लाख से ज्यादा हो गए।

किसने शुरू किया अभियान

अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स कर रहे 30 साल के अभिजीत डिपके ने इस अभियान की शुरुआत की। वह 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी की इंटरनेट मीडिया टीम के साथ वालंटियर के तौर पर काम कर चुके हैं।

इन्हें भी पढ़ें:

इंटरव्यू किसने दिया?

पूर्व CJI B. R. Gavai ने।

किस टिप्पणी पर सवाल हुआ?

‘कॉकरोच’ और ‘पैरासाइट’ शब्दों पर।

सोशल मीडिया पर क्या कहा?

बयानों को संदर्भ से हटाकर दिखाया जाता है।