Baba Bageshwar Attacks on Lenskart || Symbolic Image (Canva)
भोपाल: हाल के दिनों में मशहूर आईवियर ब्रांड ‘लेंसकार्ट’ अपने एक विवादित ‘ड्रेस कोड’ या ग्रूमिंग पॉलिसी को लेकर देशव्यापी चर्चा और विवादों के केंद्र में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई कंपनी की एक कथित गाइडलाइन में हिंदू धार्मिक प्रतीकों जैसे तिलक, बिंदी और कलावे पर पाबंदी लगाने की बात कही गई थी, जबकि अन्य धर्मों के प्रतीकों को छूट दी गई थी। (Baba Bageshwar Attacks on Lenskart) इस खबर ने न केवल डिजिटल दुनिया में ‘बॉयकॉट लेंसकार्ट’ की लहर पैदा की, बल्कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लोगों के गुस्से को सड़कों पर ला दिया। जगह-जगह हिंदू संगठनों ने स्टोर्स में जाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आईवियर कंपनी लेंसकार्ट के ड्रेस कोड को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तर प्रदेश कई राज्यों में विरोध की लहर देखने को मिल रही है। हिंदू संगठनों से जुड़े लोग लेंसकार्ट स्टोर में घुसकर कर्मचारियों को तिलक लगाने में जुटे हैं। इस विवाद का मुख्य कारण कंपनी का एक पॉलिसी डॉक्यूमेंट है, जिसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से मना किया गया है। वहीं, हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई।
दरअसल पिछले हफ्ते, सोशल मीडिया पर इस पॉलिसी डॉक्यूमेंट का एक क्लिप वायरल हुआ, जिसके बाद विरोध शुरू हुआ। बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। (Baba Bageshwar Attacks on Lenskart) उन्होंने कहा कि यदि लेंसकार्ट का मालिक भारत में रहकर ऐसे नियम लागू कर रहा है, तो उसे अपनी कंपनी लाहौर में खोलनी चाहिए। उनका यह बयान अब चर्चा का विषय बन गया है।
लेंसकार्ट वाले…#bageshwardhamsarkar#lenskart pic.twitter.com/T3tDspIHMX
— Rameshwar Sharma (@rameshwar4111) April 22, 2026
यूपी और एमपी के कई शहरों में हिंदू संगठनों के लोग स्टोर्स में घुसे और कर्मचारियों को तिलक लगाकर और कलावा बांधकर विरोध दर्ज कराया। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने लेंसकार्ट स्टोर में कर्मचारियों को तिलक लगाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए कि “सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान।” छत्तीसगढ़ में रायपुर के लेंसकार्ट शोरूम में भी इसी तरह के विरोध की तस्वीरें आई हैं। एक धार्मिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों से कहा कि वे तिलक लगाकर काम करें और अपनी पहचान बताएं।
गाजियाबाद के लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने भी इस मामले में टिप्पणी की। उन्होंने लेंसकार्ट के ड्रेस कोड के विरोध में प्रदर्शन किया और कहा कि ऐसे प्रतिबंध गलत हैं। (Baba Bageshwar Attacks on Lenskart) उन्होंने कंपनी के मालिक की जांच करने की मांग की और यह भी कहा कि उनके परिवार का धर्म संदिग्ध है। यह बयान पूरे विवाद को और गर्म कर रहा है।
महाराष्ट्र में हंगामा
बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान ने मुंबई के अंधेरी स्थित लेंसकार्ट स्टोर में जाकर हंगामा किया। उन्होंने कंपनी की ड्रेस पॉलिसी को लेकर मैनेजर से बहस की और हिंदू कर्मचारियों को तिलक लगाने के लिए कहा। यह घटनाओं का सिलसिला अब तक जारी है और लोगों की भावनाएं भड़क रही हैं।
विवाद बढ़ता देख लेंसकार्ट के फाउंडर पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि वायरल डॉक्यूमेंट पुराना और गलत है। विवाद बढ़ता देख सीईओ पीयूष बंसल ने माफी मांगी और स्पष्ट किया कि वायरल डॉक्यूमेंट पुराना था. अब कंपनी ने नई स्टाइल गाइड जारी की है जिसमें सभी धार्मिक प्रतीकों (तिलक, बिंदी, कलावा, हिजाब आदि) की स्पष्ट अनुमति दी गई है। (Baba Bageshwar Attacks on Lenskart) उन्होंने कहा कि कंपनी सभी धर्मों का सम्मान करती है और उन्हें कर्मचारी की व्यक्तिगत पसंद की कद्र है। हालांकि, इस पर सवाल उठने लगे हैं कि क्या वास्तव में कंपनी की मौजूदा गाइडलाइन सभी के लिए समान है।
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