Vande Bharat: The Kerala Story 2.. ट्रेलर रिलीज, विवाद शुरू! पर्दे पर आने से पहले ही बन गई बहस का केंद्र, जानिए आखिर क्यों रहा बवाल?

पर्दे पर आने से पहले ही बन गई बहस का केंद्र, जानिए आखिर क्यों रहा बवाल? Controversy over The Kerala Story 2

Vande Bharat: The Kerala Story 2.. ट्रेलर रिलीज, विवाद शुरू! पर्दे पर आने से पहले ही बन गई बहस का केंद्र, जानिए आखिर क्यों रहा बवाल?
Modified Date: February 20, 2026 / 12:13 am IST
Published Date: February 20, 2026 12:13 am IST

नई दिल्लीः Controversy On The Kerala Story 2:  2023 की विवादित फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ का सीक्वल ‘द केरल स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड’ ट्रेलर रिलीज होते ही विवादों में फंस गया। फिल्म में लव जिहाद, फोर्स्ड कन्वर्ज़न और महिलाओं पर शोषण जैसी संवेदनशील बातें दिखाईं गई हैं। केरल के सीएम ने इसे ‘झूठा प्रोपगेंडा’ कहा है। वहीं प्रोड्यूसर और डायरेक्टर का कहना है कि यह सच्चाई दिखाती है। सोशल मीडिया पर बहस और कोर्ट याचिकाओं के बीच, फिल्म 27 फरवरी को रिलीज़ होने जा रही है।

2023 की विवादित फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के सीक्वल, ‘द केरल स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड’ का ट्रेलर 17 फरवरी को रिलीज होते ही सोशल मीडिया और राजनीति में बवाल मचा रहा है। ट्रेलर में चौंकाने वाला दावा किया गया है कि अगले 25 सालों में भारत इस्लामिक स्टेट बन जाएगा। एक सीन में एक हिंदू लड़की को बीफ खाने के लिए मजबूर किया जाता है, लेकिन वह कहती है कि भूख से मर जाऊंगी लेकिन बीफ नहीं खाऊंगी। फिल्म की कहानी फोर्स्ड कन्वर्जन, लव जिहाद और महिलाओं के शोषण पर केंद्रित है। “केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इसे ‘झूठा प्रोपगेंडा’ बताया और कहा कि ये राज्य की सेकुलर इमेज खराब करता है। इधर, भाजपा ने पलटवार किया।

Controversy On The Kerala Story 2:  प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह और डायरेक्टर कमाख्या नारायण सिंह का कहना है कि फिल्म सच्चाई दिखाती है और लोगों को जागरूक करने के लिए बनाई गई है। उनका दावा है कि विवाद से डरने की जरूरत नहीं है और फिल्म को जनता का सपोर्ट मिलेगा। इधर केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है, जिसमें फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है। अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय है। फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होगी और इसके लिए U/A सर्टिफिकेट मिल चुका है। पहले पार्ट की तरह यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट हो सकती है, लेकिन ट्रेलर के विवाद और सोशल मीडिया रिएक्शन्स के कारण और ज्यादा पोलराइजेशन का कारण भी बन सकती है।

 

 

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।